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Free Coaching Class: आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए सरकार ने फ्री कोचिंग योजना शुरू की है. यहां पढ़ें किसे इस योजना का लाभ मिलेगा और कैसे.
5 फरवरी, 2026
समाज में पिछड़े वर्ग के बच्चों का भविष्य सुधारने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के बच्चे और उनके सपनों के बीच कोचिंग सेंटर की मोटी फीस बाधा बनती है, लेकिन अब सरकार आपके सपने पूरे करने में आपकी मदद करेगी. पीआईबी के मुताबिक, अब अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़े वर्ग और पीएम केयर्स चिल्ड्रन के लाभार्थियों के 5000 बच्चों को मुफ्त ऑनालाइन कोचिंग दी जाएगी. इसके लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने फिजिक्स वाला (पीडब्ल्यू) के साथ डील की है.
अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना
पैनल में शामिल केंद्रीय विश्वविद्यालय अपनी स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से पात्र एससी और ओबीसी छात्रों का चयन करते हैं, जबकि पीएम केयर्स बाल योजना के लाभार्थियों को स्क्रीनिंग प्रक्रिया से छूट दी गई है। सामाजिक न्याय एवं… pic.twitter.com/GLd3SiRnjz
– पीआईबी इंडिया (@PIB_India) 4 फ़रवरी 2026
परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने में मदद करने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और PM CARES चिल्ड्रन स्कीम के लाभार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग योजना लागू कर रहा है. इस पहल का मकसद सिविल सर्विसेज़ परीक्षा, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन परीक्षाओं और बैंकिंग परीक्षाओं जैसी कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स को मदद देना है. हालांकि जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने अनुसूचित जनजातियों (ST) के छात्रों के संबंध में किसी भी संगठन के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं किया है.
इन विश्वविद्यालयों के छात्रों को मिलेगा लाभ
वर्तमान में, इसे डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (DAF) द्वारा देश भर के 19 सूचीबद्ध केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्थापित डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE) के माध्यम से लागू किया जा रहा है. इन केंद्रीय विश्वविद्यालयों की लिस्ट नीचे दी गई है. यह जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, रामदास अठावले ने 3 फरवरी, 2026 को लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी थी.
विश्वविद्यालय करेंगे बच्चों का चयन
ये सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय अपनी स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से योग्य SC और OBC छात्रों का चयन करेंगे, जबकि PM CARES चिल्ड्रन स्कीम के लाभार्थियों को स्क्रीनिंग प्रक्रिया से छूट दी गई है. सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग और डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, पाठ्यक्रमों की समय पर शुरुआत और कोर्स फीस और स्टाइपेंड जारी करने के प्रस्तावों को जमा करने के लिए विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय करते हैं.
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