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BJP Won in Assam: असम में सत्ताधारी NDA लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार है. बीजेपी ने पहली अकेले बहुमत का आंकडा पार किया है. वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत बुरा रहा.
5 मई, 2026
सोमवार, 4 मई, BJP के लिए एक ऐतिहासिक दिन था. जहां पार्टी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता का दरवाजा खोला, वहीं असम में भी शानदार वापसी की है. असम में सत्ताधारी NDA लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार है. 126 सदस्यों वाली विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीटें जीतकर उसने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है. विपक्ष का प्रदर्शन बहुत खराब रहा और कांग्रेस के स्टार फेस गौरव गोगोई भी जोरहाट से हार गए. जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और पवन खेड़ा पर निशाना साधा.
किसने कितनी सीटें जीतीं
90 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली BJP ने 82 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF), और असम गण परिषद (AGP), दोनों को 10-10 सीटें मिलीं. भगवा पार्टी ने राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया. उसने पिछले दो चुनावों 2021 और 2016 में 60 सीटें जीती थीं. विपक्षी खेमे में, कांग्रेस, जिसने 99 सीटों पर चुनाव लड़ा, ने 19 सीटें जीतीं, जबकि बदरुद्दीन अजमल की AIUDF और अखिल गोगोई की रायजोर दल ने दो-दो सीटें हासिल कीं और तृणमूल कांग्रेस ने एक सीट जीती. कैंप की दूसरी पार्टियां- असम जातीय परिषद (AJP), CPI(M) और APHLC खाता खोलने में भी नाकाम रहे.
बुरा हारे गौरव गोगोई
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट से लगातार छठी बार जीत हासिल की, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 वोटों से हराया. कांग्रेस को बड़ा झटका तब लगा जब उसके प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट में पुराने नेता और मौजूदा BJP MLA हितेंद्रनाथ गोस्वामी से 23,181 वोटों से हार गए. BJP के जाने-माने विजेताओं में मंत्री अजंता नियोग (गोलाघाट), रनोज पेगु (धेमाजी), पीयूष हजारिका (जगीरोड), अशोक सिंघल (ढेकियाजुली), कौशिक राय (लखीपुर), प्रशांत फुकन (डिब्रूगढ़), कृष्णेंदु पॉल (पथारकंडी) और बिमल बोरा (टिंगखोंग) शामिल हैं.
पवन खेड़ा पर निशाना
पेड़ा ज़रूर बनेगा।
एक बार मैं कुछ कह देता हूँ, तो मैं पीछे नहीं हटता। pic.twitter.com/8YM2R7NGzf
– हिमंत बिस्वा सरमा (@himantabiswa) 4 मई 2026
इस जीत से उत्साहित मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बार फिर पवन खेड़ा पर निशाना साधा. नतीजों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “विपक्ष को पवन खेड़ा को फिर से नहीं लाना चाहिए. असम के लोगों ने उन्हें ‘पेड़ा’ खिला दिया है.” मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि अगर पवन खेड़ा ने असम की बेटी पर बेबुनियाद आरोप नहीं लगाए होते, तो शायद ऐसी भावनाएं नहीं उठतीं, और अगर गौरव गोगोई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ नहीं बैठे होते, तो शायद वह अपनी सीट नहीं हारते. यहां, “असम की बेटी” शब्द का मतलब मुख्यमंत्री की पत्नी से था.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
