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US-IRAN Ceasefire: तनावपूर्ण स्थिति के बीच ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसियों ISNA और तस्नीम ने गुरुवार को एक चार्ट प्रकाशित किया है.
अमेरिका-ईरान युद्धविराम: तनावपूर्ण स्थिति के बीच ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसियों ISNA और तस्नीम ने गुरुवार को एक चार्ट प्रकाशित किया है. इस चार्ट में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरंगें बिछाने का सुझाव दिया गया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दो सप्ताह के युद्ध विराम पर अनिश्चितता बनी हुई है और पाकिस्तान में शांति वार्ता शुरू होने वाली है. चार्ट में फारस की खाड़ी के मुख्य व्यापारिक मार्ग को ‘खतरे के क्षेत्र’ के रूप में चिह्नित किया गया है और जहाजों को ईरानी मुख्य भूमि के करीब लाराक द्वीप वाला वैकल्पिक मार्ग अपनाने का सुझाव दिया गया है.
समझौते तक तैनात रहेंगे अमेरिकी युद्धपोत
गौरतलब है कि दुनिया के 20% तेल और गैस का व्यापार इसी संकीर्ण मार्ग से होता है. दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए ‘ट्रुथ सोशल’ पर स्पष्ट किया कि उनके युद्धपोत और सैनिक तब तक क्षेत्र में तैनात रहेंगे जब तक समझौते का पूरी तरह पालन नहीं होता. ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समझौता विफल रहा तो अमेरिका अब तक की सबसे बड़ी और मजबूत सैन्य कार्रवाई शुरू करेगा. 9 अप्रैल तक के इन चार्टों से यह स्पष्ट नहीं है कि माइनिंग शुरू हुई है या नहीं, लेकिन इसने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और युद्ध की आशंका को गहरा दिया है.
ट्रंप का दावा- होर्मुज खुला रहेगा
ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम नहीं होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला और सुरक्षित रहेगा. अमेरिका और ईरान दोनों ने युद्ध विराम समझौते पर पहुंचने के बाद जीत का दावा किया. विश्व के नेताओं ने राहत व्यक्त की. लेकिन समझौते के बाद भी इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह पर अपने हमले तेज कर दिए और बेरूत में वाणिज्यिक व आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया. बुधवार को वहां हुई लड़ाई में 182 लोग मारे गए. ईरान के संसद अध्यक्ष ने बुधवार को कहा कि नियोजित वार्ता अनुचित थी क्योंकि अमेरिका ने लड़ाई समाप्त करने के लिए तेहरान की 10 शर्तों में से तीन को तोड़ दिया था.
संघर्ष विराम लेबनान पर लागू नहींः इजरायल
मोहम्मद बघेर कालिबाफ ने हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों, युद्ध विराम प्रभावी होने के बाद भी ईरानी हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ और अंतिम समझौते में किसी भी ईरानी क्षमताओं को स्वीकार करने से अमेरिका के इनकार पर आपत्ति जताई. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जोर देकर कहा कि लेबनान में युद्ध का अंत युद्ध विराम समझौते का हिस्सा था, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप ने कहा कि संघर्ष विराम लेबनान पर लागू नहीं होता है. जब समझौते की घोषणा की गई तो मध्यस्थ के रूप में काम करने वाले पाकिस्तान के प्रधान मंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह लेबनान और अन्य जगहों सहित हर जगह पर लागू होता है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
