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Middle East Tension : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बार इजरायल पर मिसाइलों की एक खेप भेजी है. इस हमले में कई इजरायलियों की मौत हो गई है और बहुत से लोग घायल भी हुए हैं.
मध्य पूर्व तनाव : ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध ने मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ा दिया है और इसका सीधा प्रभाव ग्लोबल मार्कट में भी देखने को मिल रहा है. इसी बीच ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर मिसाइलों का एक जखीरा भेजा है. वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका युद्ध को खत्म करने के लिए लगातार तेहरान से बातचीत कर रहा है. हालांकि, ईरान ने बातचीत से साफ इनकार किया है, लेकिन अभी दोनों तरफ से हमले जारी हैं. इस्लामिक रिब्लिक ने मंगलवार को इजरायल पर एक दर्जन मिसाइलें दागीं और लेबनानी लड़कों के रॉकेट हमले में एक इजरायली महिला की मौत हुई है. इस युद्ध में पहली बार ऐसा हुआ है कि लेबनान की तरफ से किए गए हमले में एक इजरायली की मौत हुई है.
ईरान ने रखें हमले जारी
बताया जा रहा है कि इजरायल पर दागी मिसाइलों की संख्या ज्यादा नहीं है. इसके बाद भी तेहरान ने हमले जारी रखे हैं और इससे पता चलता है कि ईरान इस युद्ध को लंबा खींचना चाहता है. यही वजह है कि लाखों इजरायलियों को बंकरों में छुपने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. दूसरी तरफ इजरायल का कहना है कि उसने भी ईरान की कई जगहों पर बड़े पैमाने पर हमला किया है, लेकिन उसने इसके बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी.
ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ
वहीं, पाकिस्तान ने इस लड़ाई को खत्म करने के लिए बातचीत के लिए मेजबानी पेशकश की है, लेकिन अभी ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है. तेहरान में एक शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि पूरी तरह से जीत मिलने तक लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया. साथ ही अब इस युद्ध को और खतरनाक बनाने के लिए आने वाले दिनों में अमेरिका अपनी 82वीं एयरबोर्ड डिविजन के करीब 1 हजार सैनिकों को मध्य पूर्व भेजेगा. इस यूनिट को सेना की आपातकालीन प्रतिक्रिया बल माना जाता है और इसे आमतौर पर बहुत कम समय के लिए तैनात किया जाता है. एक अमेरिकी सैनिक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस टुकड़ी में फर्स्ट ब्रिगेड कॉम्बैट टीम की एक बटालियन के साथ-साथ डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल ब्रैंडन टेग्टमीयर और डिवीजन के कर्मचारी शामिल होंगे. यह सैनिकों की नई खेप को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि नौसेना के कई जहाजों पर तैनात होकर इस क्षेत्र के लिए रवाना होंगे.
गैर-दुश्मन के जा सकते हैं जहाज
बता दें कि युद्ध के बीच में एक अच्छी बात यह हुई है कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ‘गैर-दुश्मन जहाजों’ को गुजरने की अनुमति दे दी है. ईरान का कहना है कि जो जहाज दुश्मन के नहीं हैं उसके ऊपर ईरान कोई भी कार्रवाई नहीं करेगा. साथ ही ईरान का कहना है कि वह पूरी तरह सुरक्षा नियमों का पालन करें और ईरानी अधिकारियों से भी इस मामले में विचार विमर्श कर लें. इसके बाद वह जहाज इस जलमार्ग से गुजर सकते हैं.
ईरान के डिफेंस काउंसिल ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि जो जहाज शत्रुतापूर्ण नहीं हैं और उनसे जुड़े जहाज़ हैं. साथ ही अगर वह ईरान के विरुद्ध किसी भी आक्रामक कार्रवाई में हिस्सा नहीं ले रहे हैं तो घोषित रूप से ईरानी अधिकारियों के समन्वय से ‘हॉरमुज़ जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से सुरक्षित मार्ग का लाभ उठा सकते हैं.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
