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Kailash Vijayvargiya Controversy : कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस के नेतृत्व में एक प्रदर्शन आयोजित किया गया है और मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ता जुटने शुरू हो गए हैं.
- मध्य प्रदेश से नितिन ठाकुर की रिपोर्ट
20 फ़रवरी 2026
मध्य प्रदेश विधानसभा में ‘औकात में रहो’ वाले बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस मैदान में उतर गई है और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी कर रही है. मामला यह है कि विधानसभा में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की नसीहत दी, जो अब राजनीतिक विवाद बन गया है. वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादन की तरफ से माफी मांगने के बाद भी मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस ने इस बयान को न केवल संवैधानिक पद का अपमान बताया है, बल्कि इसे आदिवासी समुदाय के स्वाभिमान से जोड़ते हुए प्रदेश व्यापी मोर्चे बंदी शुरू कर दी है.
कांग्रेस मुख्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
राज्य की राजधानी भोपाल में युवा कांग्रेस के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन के बाहर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी और उनका पुतला फूंका जाएगा. युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमित खत्री ने कहा कि एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा इस तरह की अशोभनीय टिप्पणी करना दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है. कांग्रेस ने मांग की है कि विजयवर्गीय को सदन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.
अपमान को आदिवासी के स्वाभिमान से जोड़ा
प्रतिपक्ष नेता पर की गई इस टिप्पणी को कांग्रेस अब आदिवासी और दलित समाज का अपमान बता रही है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक आदिवासी नेता को औकात दिखाना BJP की अहंकार पूर्ण राजनीति का प्रतीक है. इसी बीच कांग्रेस ने एलान कर दिया है कि वह इस मामले को कानूनी लड़ाई तक लेकर जाएगी. जानकारी के अनुसार टीटी नगर थाने में मंत्री विजयवर्गीय के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने की तैयारी कर रही है.
विवादित बयान की वजह मचा हंगामा
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अदाणी समूह और सरकार के समझौतों पर तीखी बहस चल रही थी. इस दौरान उमंग सिंघार ने दस्तावेजों के साथ सवाल दागे तो कैलाश विजयवर्गीय अपना आपा खो बैठे. इसके बाद उन्होंने गुस्से में सिंघार से कहा औकात में रहो. हालांकि बाद में विजयवर्गीय ने आत्मग्लानि व्यक्त करते हुए कहा था कि आज मैं खुद से ही संतुष्ट नहीं हूं. मेरे सब्र का बांध अब टूट चुका है और मुझे सदन में पहली बार इतना गुस्सा आया है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सिंघार की बॉडी लैंग्वेज सही नहीं थी, जिसके कारण उन्हें गुस्सा आ गया.
