Home News कच्चे तेल की कीमतों और Share Market की सुस्ती ने बढ़ाई चिंता

कच्चे तेल की कीमतों और Share Market की सुस्ती ने बढ़ाई चिंता

by Live India
Rupee is slipping against dollar, breaks record level

Rupee Vs Dollar: नए साल में भी शेयर बाज़ार में हलचल बरकरार है. डॉलर के मुकाबले अब भी रुपये में फिसलन जारी है. आप भी जानें इसकी वजह और बाज़ार की आगे की चाल.

08 जनवरी, 2026

रुपया बनाम डॉलर: शेयर बाज़ार और फॉरेन करेंसी मार्केट में हलचल का असर अब हमारे रुपये पर भी दिखने लगा है. गुरुवार की सुबह भारतीय रुपये के लिए थोड़ा सुस्त रहा. शुरुआती कारोबार में ये अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे टूटकर 89.90 के लेवल पर पहुंच गया. इस गिरावट के पीछे बड़ी वजह इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और फॉरेन इन्वेस्टर्स यानी FII की लगातार बिकवाली को माना जा रहा है.

उतार-चढ़ाव का खेल

फॉरेन करेंसी एक्सपर्ट्स की मानें तो, ग्लोबल लेवल पर डॉलर की मजबूती और घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों के कमजोरी ने रुपये पर और दबाव बनाया है. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपये की शुरुआत 89.96 पर हुई थी, जो पिछले क्लोज़िंग सेशन के मुकाबले कमजोर थी. हालांकि, थोड़ी देर बाद इसमें मामूली सुधार देखा गया और ये 89.90 के लेवल पर आ गया. फिर भी ये पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले 3 पैसे की गिरावट पर ही रहा. गौर करने वाली बात ये है कि बुधवार को रुपये ने शानदार वापसी की थी. ये पिछले दिन 31 पैसे की मजबूती के साथ 89.87 पर बंद हुआ था. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बुधवार की इस बढ़त के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का हस्तक्षेप और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट बड़ी वजह थी.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी हेड और एग्जक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली ने बाजार पर रोशनी डालते हुए बताया कि रिजर्व बैंक रुपये को संभालने के लिए एक्टिव दिख रहा है. उन्होंने कहा कि बुधवार को आरबीआई ने रुपये को 90.30 के पार नहीं जाने दिया. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और इम्पोर्टर्स की तरफ से डॉलर की भारी मांग के बावजूद, आरबीआई ने 90.22 के लेवल पर डॉलर बेचकर सब संभाल लिया. अगर आरबीआई इसी तरह बाजार में दखल देना जारी रखता है, तो रुपया आने वाले टाइम में 89.50 के लेवल तक भी जा सकता है.

ग्लोबल और घरेलू हिंट्स

बाजार की बाकी चीज़ों पर नजर डालें तो डॉलर इंडेक्स, 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.69 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, ग्लोबल ऑयल इंडेक्स ब्रेंट क्रूड वायदा में 0.38 प्रतिशत की तेजी देखी गई और यह 60.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. कच्चे तेल की ये महंगाई भारत जैसे देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इम्पोर्ट करते हैं. घरेलू मोर्चे पर भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 255.86 अंक गिरकर 84,705.28 पर आ गया. वहीं, निफ्टी 65.9 अंक फिसलकर 26,074.85 पर रहा. इसके अलावा, विदेशी इन्वेस्टर्स ने बुधवार को करीब 1,527.71 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जिसने रुपये की कमजोरी को और हवा दी.

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