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कपिल मिश्रा ने आतिशी को बताया लापता, जानें पूरा मामला

by Live India
कपिल मिश्रा ने आतिशी को बताया लापता, जानें पूरा मामला

Kapil Mishra: दिल्ली विधानसभा में मंत्री कपिल मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतिशी और भगवंत मान पर पंजाब पुलिस के दुरूपयोग का आरोप लगाया है.

13 जनवरी, 2026

Kapil Mishra: दिल्ली में सिख गुरुओं के अपमान का मामला अब बढ़ता जा रहा है. आज दिल्ली विधानसभा में मंत्री कपिल मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आतिशी की पार्टी ने उन्हें मीडिया से दूर रखा है और पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व के इशारे पर पंजाब के संसाधनों और पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है. लोगों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है.

आतिशी को बताया लापता

कपिल मिश्रा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से हुए कहा कि राजनीति अलग बात है, लेकिन गुरुओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए. मिश्रा ने कहा कि आतिशी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द रिकॉर्ड पर हैं, इसलिए इस मामले में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. उनका मानना है कि अगर पार्टी चाहती, तो वे आतिशी को आगे आने, अपनी बात समझाने और माफी मांगने के लिए कह सकते थे. आतिशी लापता है.

कपिल मिश्रा ने यह भी कहा कि घटना के बाद, विधानसभा अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए आतिशी को कई बार बुलाया, लेकिन वह न तो सदन में आईं और न ही मीडिया से बात की. उन्होंने इसे जिम्मेदारी से बचने का तरीका बताया. मिश्रा ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि आस्था और विधानसभा की गरिमा का मामला है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कितने भी मामले दर्ज किए जाएं या कितना भी पुलिस दबाव डाला जाए, वह पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने आतिशी से अपील की कि वह भागने के बजाय आगे आएं और अपनी स्थिति स्पष्ट करें. इस विवाद का एक कानूनी पहलू भी सामने आया है.

क्या है पूरा मामला

यह विवाद 6 जनवरी को सदन में सिख गुरुओं को सम्मान देने के लिए हुई चर्चा के दौरान पैदा हुआ. चर्चा गुरु तेग बहादुर, भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दयाला की शहादत की 350वीं वर्षगांठ पर केंद्रित थी. कपिल मिश्रा का आरोप है कि आतिशी ने कार्यवाही में बाधा डाली और गुरुओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. मिश्रा ने कहा कि यह सिर्फ सदन में मर्यादा बनाए रखने का मामला नहीं है, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला भी है. उनका दावा है कि घटना के बाद से आतिशी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई हैं, जिससे पता चलता है कि उन्होंने जानबूझकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.

पंजाब पुलिस को नोटिस जारी

कपिल मिश्रा और भाजपा के नेताओं ने आतिशी का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने कपिल मिश्रा पर वीडियो के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की. इसके बाद दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP), विशेष DGP (साइबर क्राइम), और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है. आरोप है कि मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ कथित तौर पर “छेड़छाड़ किया हुआ” वीडियो सर्कुलेट करने के लिए दर्ज की गई फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) विधानसभा के विशेषाधिकारों का उल्लंघन है. विधानसभा सचिवालय ने घोषणा की कि अधिकारियों ने अब अपना जवाब देने के लिए 10 दिन का समय मांगा है.

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