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कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित

by Live India
तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल: डीएमके यूथ विंग के समेमलन में कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित

उदयनिधि स्टालिन: तमिलनाडु में डीएमके (DMK) और कांग्रेस का गठबंधन पूरी तरह टूट गया है. इसके बाद डीएमके यूथ विंग के प्रमुख और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. चेन्नई में आयोजित डीएमके यूथ विंग के सम्मेलन में उदयनिधि ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस पर फिर कभी भरोसा न करें. उन्होंने पूर्व सहयोगी दल पर चुनावी लाभ उठाने के बाद डीएमके की पीठ में छुरा घोंपने का गंभीर आरोप लगाया.

कांग्रेस पर फिर कभी न करें भरोसा

उदयनिधि ने कहा कि 20 वर्षों से अधिक समय तक कांग्रेस हमारी पीठ पर सवार रही और आज उसने हमें धोखा दिया है. इस बात को कोई न भूले और भविष्य में कांग्रेस को दोबारा अपने पास न आने दिया जाए. इस बैठक में कांग्रेस के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें उसे ‘परजीवी राजनीति’ करने वाली पार्टी बताया गया. इसके साथ ही उदयनिधि ने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की लगातार मिल रही चुनावी सफलताओं का ठीकरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह के बजाय सीधे तौर पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सिर मढ़ा.

कांग्रेस की वजह से जीत रही बीजेपी

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की जीत का मुख्य कारण खुद कांग्रेस पार्टी की कमजोरियां और रणनीतियां हैं. यह बयान राज्य की राजनीति में दोनों दलों के बीच आए बड़े अलगाव को दर्शाता है. पिछले विधानसभा चुनावों में गठबंधन के प्रति द्रमुक के पूर्ण समर्पण पर अफसोस जताते हुए उदयनिधि ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे द्रमुक कार्यकर्ताओं ने मुख्य रूप से धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करने और भाजपा को तमिलनाडु से बाहर रखने के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए खून और पसीना बहाया. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां तक ​​कि इस चुनाव में, लगभग अस्तित्वहीन कांग्रेस हमारे नेता के निर्देशों और द्रमुक कैडरों के अथक परिश्रम के कारण पांच सीटें जीतने में कामयाब रही. लेकिन जीतने के तुरंत बाद वे सत्ता की खातिर भाग गए, यहां तक ​​​​कि शिष्टाचार सूचना के बिना भी.

तमिलनाडु के लोग सिखाएंगे सबक

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में बुनियादी कृतज्ञता और राजनीतिक सभ्यता का अभाव है. उन्होंने विश्वास जताया कि भले ही द्रमुक ने उन्हें सबक नहीं सिखाया, लेकिन तमिलनाडु के लोग जल्द ही ऐसा करेंगे. हालिया चुनावी असफलताओं के बाद पार्टी की आंतरिक रणनीति पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्रमुक नेता ने दोषारोपण का खेल खेलने के बजाय पूरी तरह से सुधार करने का आग्रह किया. उन्होंने विशेष रूप से पार्टी की सोशल मीडिया रणनीति में कमियों और घरेलू स्तर पर मतदाताओं को राजनीतिक रूप से शामिल करने में विफलता की ओर इशारा किया. उन्होंने युवा विंग के सदस्यों से कहा कि हमने बाहर प्रचार किया, लेकिन मुझे संदेह है कि हम अपने घरों के भीतर प्रचार करने में विफल रहे. इससे पहले कि आप अजनबियों का राजनीतिकरण करने के लिए बाहर जाएं, अपने परिवार के सदस्यों और बच्चों के साथ उस भाषा में राजनीति पर बात करें, जिसे वे समझते हैं.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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