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कांग्रेस से निलंबित 12 पार्षदों ने थामा बीजेपी का हाथ

by Live India
Ambernath Municipal Council

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Ambernath Municipal Council: बीजेपी से हाथ मिलाने वाले कांग्रेस पार्षदों को पार्टी ने निलंबित कर दिया था, अब वे सभी 12 पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए हैं.

8 जनवरी, 2026

अंबरनाथ नगर परिषद: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में आने वाले अंबरनाथ नगर परिषद में गजब सियासी खेला चल रहा है. यहां एक तरफ महायुति में दरार आ गई है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के निलंबित पार्षदों ने बीजेपी का हाथ थाम लिया है. अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव के बाद बीजेपी ने शिंदे गुट को सत्ता से दूर करने के लिए कांग्रेस के पार्षदों के साथ गठबंधन कर लिया था, जिसके बाद कांग्रेस ने अपने पार्षदों को निलंबित कर दिया . अब उन सभी 12 पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. इससे बीजेपी को बड़ा फायदा मिला है और शिंदे की शिवसेना को झटका.

अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने किया ऐलान

महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने बुधवार देर रात यहां बीजेपी कार्यालय में इस बात की घोषणा की और जोर देकर कहा कि यह कदम सत्ता के लालच से प्रेरित नहीं था, बल्कि विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के कारण उठाया गया है. उन्होंने कहा, “लोगों ने इन पार्षदों को चुना था और उन्होंने नागरिकों से विकास का वादा किया था. वे हमारे साथ इसलिए आए हैं क्योंकि सरकार गतिशील तरीके से काम कर रही है और लोगों को न्याय और विकास देने में सक्षम है.”

🪷आपकी, हमारी बीजेपी, सबकी 🪷

भाजपा परिवार की विकासोन्मुखी और जनोन्मुखी कार्यशैली से प्रेरित होकर उबैठा समूह के कल्याण ग्रामीण के उपजिला प्रमुख राहुल भगत ने विकास का ‘कमल’ थामा। इस अवसर पर उनका भाजपा परिवार में स्वागत किया गया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गयीं.

इस मौके पर… pic.twitter.com/KVfSjE2WmC

— Ravindra Chavan (@RaviDadaChavan) 7 जनवरी 2026

शिंदे गुट से छीनी सत्ता

दिलचस्प बात यह है कि पूरा खेल शिंदे गुट की शिवसेना को अंबरनाथ में सत्ता से दूर करने के लिए खेला जा रहा है. 20 दिसंबर को हुए स्थानीय चुनावों के बाद, शिंदे गुट की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बीजेपी ने उसे ही सत्ता से दरकिनार करने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन बना लिया. बीजेपी ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) के बैनर तले हाथ मिलाया. इस अघाड़ी में अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) भी शामिल है. बीजेपी की इस चाल से शिंदे गुट में भारी नाराजगी है. वहीं इस अजीब गठबंधन पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी नारजगी जताई है.

किसको कितनी सीटें मिलीं

AVA ने 60 सदस्यीय स्थानीय निकाय में 31 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया. हाल के चुनावों में, शिवसेना ने 27 सीटें जीतीं, जो बहुमत से सिर्फ चार कम थीं. बीजेपी को 14 सीटें, कांग्रेस को 12, NCP को 4 सीटें मिलीं, जबकि 2 निर्दलीय भी चुने गए. एक निर्दलीय के समर्थन से, तीन-पार्टी गठबंधन की ताकत 32 पार्षदों तक पहुंच गई है, जो 30 के बहुमत के आंकड़े को पार कर गई है. इस अजीब गठबंधन से शर्मिंदा होकर, कांग्रेस ने बुधवार को अपने 12 नए चुने गए पार्षदों के साथ-साथ ब्लॉक अध्यक्ष को भी सस्पेंड कर दिया. 12 सस्पेंड पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के कदम ने नगर पालिका में राजनीतिक समीकरणों को काफी बदल दिया है.

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