Home Latest News & Updates खालिद और इमाम को कांग्रेस की वजह से नहीं मिली जमानत : ओवैसी

खालिद और इमाम को कांग्रेस की वजह से नहीं मिली जमानत : ओवैसी

by Live India
Asaduddin Owaisi Attack on Congress

Asaduddin Owaisi Attack on Congress : सुप्रीम कोर्ट से उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं मिलने को लेकर AIMIM चीफ ओवैसी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है.

Asaduddin Owaisi Attack on Congress : दिल्ली दंगों में आरोपी एक्टिविस्ट उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिली है. साथ ही वह एक साल तक जमानत के लिए कोई अपील भी नहीं कर सकते हैं. इस मुद्दे को लेकर अब सियासत तेज हो गई है और इसी बीच AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की भी एंट्री हो गई. उन्होंने इन दो एक्टिविस्टों को जमानत नहीं मिलने को लेकर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है. ओवैसी ने कहा कि जिस कड़े UAPA कानून के तहत उन पर केस दर्ज किया गया है, वह कांग्रेस के समय बनाया गया था. हैदराबाद से सांसद ने शनिवार को अमरावती में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग चुनावों को दौरान धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं, वे असल में मुसलमान, दलित और आदिवासियों के दुश्मन हैं.

आतंकी धाराओं में दोनों बच्चों जमानत नहीं मिली

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा खालिद और इमाम दोनों को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 15A के आधार पर इनकार कर दिया. उन्होंने बताया कि यह कानून उस वक्त बनाया गया जब देश गृह मंत्री पी. चिदंबरम थे जिन्होंने UAPA पेश किया था और उन्होंने कहा कि उस वक्त पार्लियामेंट में मैंने ही विरोध किया था. ओवैसी ने कहा कि मैं अकेला ही था जिसने कहा था कि इस कानून का इस्तेमाल पुलिस मुसलमानों, आदिवासियों, दलितों और बुद्धिजीवियों के खिलाफ करेगी. सरकार की जो नीतियां समझते हैं वह इसका खुलकर विरोध करेंगे. साथ ही उस वक्त मैंने जो कहा था वहीं हुआ और अब इन दो बच्चों को उस कानून में आतंकवाद की परिभाषा की वजह जमानत नहीं मिल पाई है.

स्टेन स्वामी की हो गई थी मौत

ओवैसी ने आगे कहा कि खालिद और इमाम बीते पांच साल से जेल में हैं और एल्गार परिषद मामले में आरोपी 85 साल के स्टेन स्वामी की इस कानून की वजह से मौत हो गई थी. उन्होंने आगे कहा कि साल 2019 में UAPA में संशोधन किया गया था, तब कांग्रेस ने बीजेपी का खुला समर्थन किया था जो वर्तमान में लोगों की जिंदगी को बर्बाद कर रहा है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से मना कर दिया था, लेकिन इस मामले में मदद करने वाले पांच लोगों को जमानत दे दी गई थी. यही वजह है कि ओवैसी ने कहा था कि सच्चाई और उम्मीद में बहुत अंतर है. उन्होंने यह भी बताया कि वर्दी वाले लोगों में एक तरह की नफरत भी होती है और उन्होंने फिर से दोहराया कि उन्हें 180 दिनों तक फिर हिरासत में रखा जाएगा.

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