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गाजा में इजराइली हमले में 12 फिलिस्तीनी की मौत

by Live India
गाजा में इजराइली हमले में 12 फिलिस्तीनी की मौत

Gaza War : गाजा में इजराइली में हमले में 12 लोगों की मौत हो गई. वहीं, मरने वालों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. हालांकि, अभी तक इजराइल की तरफ इस घटना पर कोई ऑफशियल बयान नहीं आया है.

गाजा युद्ध: गाजा में एक बार इजराइल की तरफ से युद्धविराम समझौता टूटता हुआ दिखाई दिया. गाजा के अस्पताल ने बताया कि शनिवार की सुबह इजराइली हमलों में करीब 12 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई और अक्टूबर में लड़ाई रुकने के बाद ये सबसे ज्यादा मौत के आंकड़े दर्ज किए गए. वहीं, नासिर और शिफा अस्पतालों के अधिकारियों ने बताया कि हमले उत्तरी और दक्षिणी गाजा में हुए, जिसमें गाजा सिटी में एक अपार्टमेंट और खआन यूनिस में एक टेंट भी शामिल है. साथ ही मरने वालों में दो अलग-अलग परिवारों की दो महिलाएं और 6 बच्चे शामिल थे. हालांकि, अभी तक इजराइल की तरफ से इस हमले की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

12 फिलिस्तीनियों की मौत

गाजा के अस्पतालों ने बताया कि शनिवार को इजराइली हमले में कम से कम 12 फिलिस्तीनी मारे गए. अक्टूबर में लड़ाई रोकने के मकसद से हुए सीजफायर के बाद से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है. इसके अलावा राफा क्रॉसिंग का खुलना भी अब सीमित कर दिया जाएगा और ये अमेरिका की मध्यस्थता वाले सीजफायर के दूसरे चरण का पहला कदम है. बताया जा रहा है कि सीमा को खोलना इस चरण के एजेंडे के चुनौतीपूर्ण मुद्दों में से एक है, जिसमें करीब दो दशकों के हमास शासन के बाद पट्टी को गैर-सैन्य बनाना है. वहीं, गाजा को बनाने की जहां एक तरफ बात चल रही है तो वहीं, शनिवार की घटना के बाद मौतों का भी आंकड़ा बढ़ रहा है.

संयुक्त राष्ट्र करता है आंकड़े पर विश्वास

शिफा हॉस्पिटल ने बताया कि गाजा सिटी में शनिवार सुबह हुए हमले में 3 बच्चे, उनकी चाची और दादी की मौत हो गई. हालांकि, उनकी मां बच गई. इस हमले में मौत होने के बाद नासिर अस्पताल ने बताया कि टेंट कैंप हुए हमले से आग लग गई, जिसमे करीब 7 लोगों की मौत हो गई. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 अक्टूबर को सीजफायर शुरू होने के बाद से इजराइली फायरिंग में 500 से ज्यादा फिलिस्तीनियों के मारे जाने की बात कही. यह मंत्रालय हमास की नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा है और मरने वालों की संख्या को अपन रिकॉर्ड में रखते हैं. दूसरी तरफ इन आंकड़ों पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और स्वतंत्र विशेषज्ञ भी विश्वास करते हैं.

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