9
Gold-Silver Rate in India: 1 अप्रैल की सुबह शेयर मार्केट में रौनक भरी रही. वहीं, दूसरी तरफ सोने और चांदी के इन्वेस्टर्स का बीपी काफी फ्लैक्चुएट कर रहा है.
01 अप्रैल, 2026
आज यानी 1 अप्रैल को जब पूरी दुनिया हंसी-मजाक में बिजी है, वहीं, सर्राफा बाजार के आंकड़े इन्वेस्टर्स को काफी सीरियस कर रहे हैं. सोने और चांदी की कीमतों में मची उथल-पुथल ने आम आदमी से लेकर बड़े बिजनेसमैन्स तक सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. इस हफ्ते बुलियन मार्केट में 3 प्रतिशत की तगड़ी बढ़त देखी गई है, जिससे सोने के भाव अब सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं. ऐसे में अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतें 1,52,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर गई हैं. आज सुबह घरेलू मार्केट में 24 कैरेट सोने का भाव 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,52,298 रुपये तक जा पहुंचा था. वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में भी रौनक कम नहीं है, वहां भी सोना 4,670 डॉलर प्रति औंस के करीब ट्रेड कर रहा था.
चांदी की चाल
चांदी की बात करें तो आज इसकी कहानी थोड़ी फिल्मी रही. दिन की शुरुआत में सिल्वर ने 2,42,250 रुपये प्रति किलोग्राम का बड़ा लेवल छुआ. लेकिन दोपहर होते-होते इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई और ये 2,39,800 रुपये के आसपास आ गई. हालांकि, पिछले कुछ दिनों के मुकाबले चांदी अभी भी काफी हाई लेवल पर बनी हुई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी जल्द ही 2,58,000 रुपये का अगला बड़ा लेवल टच कर सकती है.
यह भी पढ़ेंःकौन थे विजयपत सिंघानिया? जिन्होंने खड़ा किया रेमंड ग्रुप जैसा साम्राज्य; जानें कैसा है उनका परिवार
तेजी की वजह
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव में थोड़ी कमी के हिंट तो मिले हैं, लेकिन इन्वेस्टर्स का डर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. जब भी दुनिया में अनस्टेबिलिटी का माहौल होता है. यही वजह है कि लोग अपना पैसा सोने में लगाना सेफ समझ रहे हैं, जिसे ‘सेफ हेवन’ इन्वेस्टमेंट कहा जाता है. इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और डॉलर की मजबूती ने भी सोने-चांदी के भाव बढ़ाने में आग में घी डालने का काम किया है.
17 साल का इतिहास
हैरानी की बात ये है कि एक तरफ सोना डेढ़ लाख के पार है, वहीं दूसरी तरफ मार्च का महीना सोने के लिए पिछले 17 सालों में सबसे खराब साबित हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका में इंटरेस्ट रेट्स में कटौती की उम्मीदें कम होने से गोल्ड की डिमांड पर असर पड़ा था. लेकिन इस हफ्ते की 3 प्रतिशत की रिकवरी ने एक बार फिर बाजार में नई जान फूंक दी है. खैर, अगर आप शादी-ब्याह के लिए गहने बनवाने की सोच रहे हैं, तो मार्केट पर नजर रखना बहुत जरूरी है. वैसे, सोना अब सिर्फ एक जूलरी नहीं बल्कि एक लग्जरी इन्वेस्टमेंट बन चुका है. बाजार की इस गहमागहमी के बीच इन्वेस्टर्स के लिए सलाह है कि वो हर छोटी गिरावट पर खरीदारी का मौका तलाशें. हालांकि, कोई भी इन्वेस्टमेंट करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह लेना बिल्कुल ना भूलें.
यह भी पढ़ेंः Share Market में दिवाली जैसा नजारा, sensex की 1900 पॉइंट वाली ग्रैंड एंट्री; पोर्टफोलियो में लौटी हरियाली
