7
अहमदाबाद बाढ़: गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद लगातार हुई भारी बारिश के बाद अब भी जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है. बारिश का दौर कमजोर पड़ने के बावजूद शहर के कई इलाकों में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं. पिछले पांच दिनों से कई सड़कें पानी में डूबी हुई हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. थलतेज, बोपल, सानंद सहित कई पॉश इलाकों में लोगों को घरों से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जलभराव के कारण सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है, वाहन बीच रास्ते में बंद हो रहे हैं और लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है. लाइव टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं. कई चारपहिया और दोपहिया वाहन पानी में फंस गए, जिन्हें लोगों को धक्का लगाकर बाहर निकालना पड़ा.
कोई जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा
कई जगह पानी का स्तर इतना अधिक था कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है. सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर देखने को मिली कि लगातार कई दिनों से परेशानी झेलने के बावजूद न तो कोई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचा और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने लोगों की समस्याओं का समाधान करने की गंभीर कोशिश की. स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला. लोगों का आरोप है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलनिकासी व्यवस्था में कोई सुधार दिखाई नहीं देता.
400 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार का आरोप!
इस बीच, जलभराव के मुद्दे पर विपक्ष ने भी राज्य सरकार और अहमदाबाद नगर निगम को घेरा है. गुजरात कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता डॉ. मनीष दोषी ने आरोप लगाया कि यह स्थिति केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता का परिणाम है. उन्होंने दावा किया कि इस मानसून में 400 करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी वजह से अहमदाबाद सहित गुजरात के कई शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं. डॉ. मनीष दोषी ने कहा कि सरकार गुजरात मॉडल और विकास की बात करती है, लेकिन पहली ही भारी बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी है. उनका कहना है कि अहमदाबाद से लेकर सानंद तक की स्थिति यह साबित करती है कि ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है. उन्होंने यह भी मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. वहीं दूसरी ओर, अहमदाबाद नगर निगम का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है.
म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन बोला- “सब सलामत है”
लाइव टाइम्स ने इस मुद्दे पर अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के डिप्टी कमिश्नर निलेश पटेल से बातचीत की. जलभराव और लोगों की परेशानियों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि “सब सलामत है” और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. हालांकि, जिस स्थान पर यह बातचीत हुई, वहां चारों तरफ जलभराव साफ दिखाई दे रहा था. ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन के दावों पर सवाल उठाए. लोगों का कहना है कि यदि स्थिति वास्तव में सामान्य है, तो फिर शहर के कई हिस्सों में अब भी पानी क्यों भरा हुआ है और लोग रोजमर्रा की जिंदगी जीने के लिए संघर्ष क्यों कर रहे हैं.
लगातार पांच दिनों से जलभराव की समस्या ने एक बार फिर अहमदाबाद की ड्रेनेज व्यवस्था, शहरी नियोजन और मानसून पूर्व तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. करोड़ों रुपये के विकास कार्यों और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के बावजूद यदि हर बारिश के बाद शहर की यही तस्वीर सामने आती है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है. फिलहाल शहर के हजारों नागरिक यही उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द प्रभावी कदम उठाकर जलभराव की समस्या से राहत दिलाएगा, ताकि लोगों का जनजीवन फिर से सामान्य हो सके.
गुजरात में अगले 3 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने कई जिलों के लिए जारी की चेतावनी
