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Bhagalpur News: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भागलपुर के कहलगांव के रानी बमियां गांव निवासी देवनंदन प्रसाद सिंह के जहाज पर हुए मिसाइल अटैक से मौत हो गई.
- भागलपुर से अमरजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट
भागलपुर समाचार: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भागलपुर के कहलगांव के रानी बमियां गांव निवासी देवनंदन प्रसाद सिंह के जहाज पर हुए मिसाइल अटैक से मौत हो गई. जानकारी के अनुसार रानी बमियां गांव निवासी देवनंदन प्रसाद सिंह अंतरराष्ट्रीय Bravo Shipping Company में एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. वे Safesea Vishnu नामक ऑयल टैंकर जहाज पर तैनात थे. यह जहाज बसरा (इराक) से फ़ुजैरा होते हुए सिंगापुर की ओर जा रहा था और मार्शल द्वीपसमूह के ध्वज के अंतर्गत संचालित हो रहा था. जहाज की अंतिम लोकेशन इराक के पोर्ट सिटी बसरा के पास बताई गई थी. बुधवार की रात क्षेत्र में चल रहे तनाव के दौरान जहाज पर मिसाइल हमला हुआ. घटना को लेकर कंपनी ने आधिकारिक तौर पर गुरुवार को इसकी पुष्टि की. मृतक देवनंदन प्रसाद सिंह कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा की बहन के दामाद थे. इस घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है.

मंगलवार को हुई थी परिवार से आखिरी बातचीत
चचेरे भांजे अमित सिंह ने बताया कि मामा देवनंदन की परिवार वालों से आखिरी बातचीत मंगलवार को हुई थी. उन्होंने कहा था कि अभी हम समुद्र में हैं और ईरान के रास्ते जा रहे हैं. रात के समय उनसे बातचीत हुई थी. उस समय वे ऑन ड्यूटी थे, इसलिए ज्यादा देर बात नहीं हो पाई. उन्होंने कहा था कि कल फिर बात करेंगे. गुरुवार सुबह करीब 8:00 बजे कंपनी के जरिए घर पर मैसेज आया. उसमें एक्सीडेंट होने की जानकारी दी गई और बताया गया कि उन्हें इजराइल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति बहुत गंभीर बताई गई. उन्होंने कहा कि उनके जहाज पर इराक की ओर से मिसाइल से हमला किया गया. मृतक के परिवार में दो बच्चे हैं. एक बेटा जापान में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है और दूसरी उनकी बेटी है, जो मेडिकल की तैयारी कर रही है. मृतक दो भाइयों में छोटे थे. उनके बड़े भाई कृष्णानंदन मर्चेंट नेवी से रिटायर होकर भागलपुर में अपना व्यवसाय करते हैं, जबकि मृतक देवनंदन प्रसाद सिंह इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे.
आखिरी बार 2024 में आए थे भागलपुर
देवनंदन की ड्यूटी मुंबई मुख्यालय में थी, लेकिन एक स्टाफ के छुट्टी पर जाने के कारण उन्हें जहाज पर भेजा गया था. उस जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे. बताया जाता है कि 12 से ज्यादा लोगों की स्थिति गंभीर है. देवनंदन प्रसाद सिंह करीब 16 दिन पहले इजराइल पहुंचे थे. वहां पहुंचने के दो दिन बाद ही युद्ध शुरू हो गया, जिसके कारण सभी समुद्री मार्ग बंद कर दिए गए थे. बाद में कंपनी ने आवश्यक कागजात तैयार कर जहाज को आगे बढ़ने की अनुमति दी. इसके बाद वे इजराइल से मुंबई के लिए जहाज लेकर अपने 28 सहयोगियों के साथ रवाना हुए. 9 मार्च को वे इजराइल से रवाना हुए थे. उसी रात उन्होंने फोन कर परिवार वालों को इसकी जानकारी दी थी. भांजा अमित सिंह ने बताया कि मामा आखिरी बार वर्ष 2024 में भागलपुर आए थे. उस समय उनके पिता के निधन के कारण वे श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए घर आए थे.
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