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Atal Bihari Vajpayee birth anniversary: पूरा देश गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मना रहा है. वाजपेयी 1996 से 2004 के बीच तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे.
अटल बिहारी वाजपेई जयंती: पूरा देश गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मना रहा है. वाजपेयी 1996 से 2004 के बीच तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे. वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था और उनका निधन 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली में हुआ. उनकी जयंती को सरकार ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाती है. अटल जी ऐसे नेता थे जिन्हें विपक्ष भी पसंद करता था. अटल जी अपने लचीले और कड़े दोनों फैसलों के लिए जाने जाते हैं. दुनिया के तमाम विरोधों के बावजूद अटल सरकार ने 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न देश घोषित कर दिया. इस कदम से उन्होंने भारत को निर्विवाद रूप से विश्व मानचित्र पर एक सुदृढ वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया. पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी के जीवन से जुड़ी कई बातें ऐसी हैं, जिन्हें कम लोग ही जानते हैं. आज हम अटलजी से जुड़ी ऐसी बातें बता रहे हैं, जिन्हें आप शायद ही जानते हों.
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अटल जी से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूर्व पीएम पाकिस्तान दौरे पर गए थे तो एक पाकिस्तानी महिला ने कहा कि वह वाजपेयी से शादी करना चाहती हैं और तोहफे में कश्मीर चाहती हैं. इस पर वाजपेयी जी ने उस पाकिस्तानी महिला को जवाब दिया कि मैं तुमसे शादी करूंगा, बशर्ते तुम मुझे दहेज में पूरा पाकिस्तान दो.
- अटल बिहारी वाजपेयी का सबसे प्रसिद्ध नारा “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” था, जिसे उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के “जय जवान, जय किसान” नारे में ‘जय विज्ञान’ जोड़कर दिया था.
- 2004 के चुनावों के दौरान उन्होंने “इंडिया शाइनिंग” (India Shining) का नारा भी दिया था. जो काफी लोकप्रिय हुआ था. यह नारा भारत की आर्थिक प्रगति को दर्शाने के लिए दिया गया था.
- उन्होंने भारत को एक “जीवंत राष्ट्र पुरुष” बताया और कहा कि “हम इस भारत के लिए जिएंगे और इसी के लिए मरेंगे”.
- अटल बिहारी वाजपेयी के नारे और विचार उनकी कविताओं और भाषणों में भी झलकते थे, जैसे “हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा”.
- अटलजी ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण दिया था, वो ऐसा करने वाले पहले नेता थे. 1977 में उन्होंने अपना ऐतिहासिक भाषण यूएन के मंच से दिया था.
- अटलजी ने कभी शादी नहीं की और जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं इतना व्यस्त रहता हूं कि शादी को भूल ही गया.
- भारत छोड़ो आंदोलन में अटलजी ने हिस्सा लिया था और इसके लिए उन्हें 23 दिनों के लिए जेल में भी रखा गया था.
- अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने पिता के साथ एक ही कॉलेज में पढ़ाई की. तब उनके पिता की उम्र 50 साल थी. दोनों ने कानपुर के DAV कॉलेज में एक साथ लॉ की पढ़ाई की.
- अटल बिहारी वाजपेयी को निजीकरण को बढ़ावा देने और विनिवेश की शुरुआत करने, सर्व शिक्षा अभियान, 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण, संविधान समीक्षा आयोग के गठन और जातिवार जनगणना पर रोक लगाने जैसे फैसलों के लिए भी जाना जाता है.
- अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति में आने से पहले अपना करियर एक पत्रकार के तौर पर शुरू किया. उन्होंने RSS के पांचजन्य में बतौर संपादक काम किया.
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