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Iran War : मिडिल ईस्ट में जंग को समाप्त करने को लेकर चर्चा की जा रही है. इसी बीच अमेरिका ने ईरान के सामने 15 शर्तें रखी हैं, जिसके बाद तेहरान ने भी अपनी 7 डिमांड्स रख दी हैं.
ईरान युद्ध: ईरान और इजरायल-अमेरिकी युद्ध ने मिडिल ईस्ट में काफी तनाव पैदा कर दिया है. अब इस युद्ध का प्रभाव दुनिया भर के बाजारों में भी देखने को मिल रहा है. इसके अलावा गैस और पेट्रोल का संकट भी गहराता जा रहा है. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि ईरान के नेताओं के साथ बातचीत चल रही है और उन्होंने काफी हद तक हमारी बातों को मान लिया है. वहीं, ईरान ने ट्रंप के बयान को सिरे खारिज कर दिया है और जंग समाप्त करने के लिए अमेरिका की 15 शर्तों के सामने अपनी 7 डिमांड्स को रखा है. ईरान की इन शर्तों में मुख्य रूप से खाड़ी देशों से अमेरिकी सैन्य बेस हटाना, प्रतिबंध खत्म करना और समुद्री मार्गों पर नियंत्रण शामिल है. इसके अलावा ईरान ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान के बदले मुआवजे और हिजबुल्ला के खिलाफ इजरायल के हमलों को रोकने की मांग की है.
अमेरिका खुद से बात कर रहा है.
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ईरान में सीजफायर करने के लिए 15 शर्ते रखी हैं. इसके बाद अमेरिका के सामने ईरान ने भी अपनी मांगों की लंबी सूची जारी कर दी. इन शर्तों में सबसे मुख्य खाड़ी देशों से अमेरिकी बेस को हटाना शामिल है. आपको बताते चलें कि ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकरी ने हाल ही में अमेरिका पर जमकर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि लगता है कि USA खुद के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि क्या आपके आंतरिक संघर्ष का स्तर उस स्तर तक पहुंच गया है जहां पर आप खुद से बातचीत कर रहे हैं? इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि हम जैसे लोग आपके नहीं रह सकते हैं.
इसी बीच युद्ध के शुरू होने के बाद ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने देश पर अपनी पकड़ बनाना शुरू कर दिया है. ऐसे में अब ट्रंप की तरफ से दिए गए प्रस्ताव के सामने IRGC ही सारी शर्तें रख रहा है.
ये हैं ईरान की 7 शर्तें
- युद्ध शुरू होने के ईरान को जो नुकसान हुआ उसका पूरा हर्जाना दिया जाए.
- खाड़ी में देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को हटाया जाए.
- हिजबुल्ला के खिलाफ इजरायली हमलों को तत्काल रोका जाए.
- ईरान ने यह भी कहा है कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल सके.
- साथ ही इस समुद्री मार्ग का नियंत्रण उसके पास होना चाहिए.
- तेहरान ने गारंटी मांगी कि भविष्य में दोबारा हमला नहीं होना चाहिए.
- इसके अलावा ईरान ने व्यापार और दूसरे मामलों में देश पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाए.
क्या शर्तों में रखेगा तेहरान लचीलापन
बताया यह भी जा रहा है कि ईरान अमेरिका से बातचीत के दौरान अपनी शर्तों में थोड़ी ढील दे सकता है. वहीं, अमेरिका ने भी ईरान के सामने 15 शर्तों का एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को पांच साल के लिए रोक सकता है और यूरेनियम संवर्धन को कम कर सकता है. इसके अलावा ईरान अपने देश में IAEA को सेंट्रीफ्यूज के निरीक्षण की अनुमति दे सकता है.
