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ट्रंप के बाद अब पुतिन पहुंचे चीन

by Live India
ट्रंप के बाद अब पुतिन पहुंचे चीन

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Putin China Visit: वीडियो संबोधन में रूसी प्रेसिडेंट पुतिन ने कहा कि रूस और चीन के बीच व्यापार 200 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है. अब यह लेन-देन मुख्य रूप से रूबल और युआन में किया जाता है.

पुतिन की चीन यात्रा: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन पहुंच गए हैं. रूसी प्रेसिडेंट चीन की राजधानी बीजिंग में मंगलवार रात पहुंचे. उनका स्वागत वहां के विदेश मंत्री वांग यी ने किया. ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के दौरान पुतिन की यह चीन दौरा बहुत ही खास माना जा रहा है. अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में 14-15 मई को चीन के दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात और कई मुद्दों पर बातचीत की थी. तब उन्होंने ईरान को लेकर कहा था कि उनका पूरा कंट्रोल ईरान पर है.

ट्रंप के चीन दौरे के बाद पुतिन का बीजिंग दौरा बहुत ही खास माना जा रहा है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच शी और पुतिन की मीटिंग पर दुनिया की निगाहें टिकी हुईं हैं. यहां बता दें कि अमेरिका जहां ईरान पर हमला और तनाव को बनाए रखा है, वहीं चीन और रूस, ईरान के बहुत ही खास मित्र हैं. इतना ही नहीं अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन ईरान से 90 प्रतिशत तेल आयात करता है.

अभूतपूर्व स्तर पर रूस-चीन संबंध- पुतिन

मिली जानकारी के अनुसार, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को बीजिंग में द्विपक्षीय संबंधों और ईरान, यूक्रेन युद्धपर बातचीत की. इसके अलावा व्यापार सहित प्रमुख ग्लोबल मुद्दों पर खास वार्ता की. दोनों नेताओं की बातचीत का महत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि ये मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14-15 मई को बीजिंग यात्रा के कुछ दिनों बाद हुई, जहां उन्होंने शी जिनपिंग के साथ ईरान और यूक्रेन युद्ध से लेकर द्विपक्षीय व्यापारिक तनाव और क्षेत्रीय घटनाक्रम तक के मुद्दों पर व्यापक चर्चा की थी.

पीपुल्स ग्रेट हॉल में वार्ता से पहले, शी जिनपिंग ने पुतिन का औपचारिक स्वागत किया. बता दें कि चीन की अपनी यात्रा से पहले मंगलवार को एक वीडियो संबोधन में पुतिन ने कहा कि रूस-चीन संबंध “वास्तव में अभूतपूर्व स्तर” पर पहुंच गए हैं. उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने और उनकी “असीमित क्षमता” को उजागर करने के प्रयासों का एक अभिन्न अंग है.

पुतिन की चीन की 25वीं यात्रा

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि शी और पुतिन द्विपक्षीय संबंधों, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और आपसी हित के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “यह पुतिन की चीन की 25वीं यात्रा है,” उन्होंने बीजिंग और मॉस्को के बीच घनिष्ठ रणनीतिक संबंधों और दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल पर जोर दिया.
गुओ ने कहा, “दोनों पक्ष इस यात्रा को चीन-रूस संबंधों के विकास को उच्च स्तर तक बढ़ावा देने के अवसर के रूप में लेंगे, जिससे विश्व में अधिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा.”

रूस और चीन का ईरान करीबी रणनीतिक साझेदार

जानकारों का मानना है कि शी-पुतिन के रिश्ते और यह मुलाकात वैश्विक मामलों में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक साझेदारियों में से एक है, जो व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा में बढ़ते सहयोग के साथ-साथ पश्चिमी प्रभाव का मुकाबला करने के प्रयासों से चिह्नित करते हैं.

पुतिन की यह यात्रा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच हो रही है. ये तनाव ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी और अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर कब्जे के बाद पैदा हुआ है. ईरान रूस और चीन दोनों का एक करीबी रणनीतिक साझेदार बना हुआ है.

अपने वीडियो संबोधन में पुतिन ने कहा कि रूस और चीन के बीच व्यापार 200 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है और अब लेन-देन मुख्य रूप से रूबल और युआन में किया जाता है. पुतिन ने कहा कि रूस-चीन रणनीतिक साझेदारी ने ग्लोबल लेवल पर “एक प्रमुख स्थिरीकरण भूमिका” निभाई है और कहा कि दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से समन्वय जारी रखेंगे.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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