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ट्रेड डील होते ही Sensex-Nifty में उछाल

by Live India
India-America की पक्की दोस्ती ने मचाया Share Market में धमाल, Sensex-Nifty में जबरदस्त उछाल

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Share Market Update: ट्रेड डील के बाद आज यानी मंगलवार की सुबह शेयर मार्केट में अच्छी-खासी रौनक देखने को मिली. आप भी जानें किन सेक्टर्स को हुआ फायदा.

3 फरवरी, 2026

आज सुबह यानी मंगलवार को जब शेयर बाजार खुला, तो दलाल स्ट्रीट का नजारा किसी जश्न से कम नहीं था. भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील ने इन्वेस्टर्स के चेहरे पर ऐसी मुस्कान बिखेरी कि सेंसेक्स और निफ्टी ने रॉकेट की रफ्तार पकड़ ली. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद ये खुशखबरी आई कि अमेरिका अब भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर सीधे 18 फीसदी पर ले आएगा.

सेंसेक्स और निफ्टी

जैसे ही आज सुबह ट्रेडिंग की घंटी बजी, बाजार में खरीदारी की ऐसी लहर आई कि सेंसेक्स 3,656 अंक उछलकर 85,323 पर पहुंच गया. लेकिन ये तो बस शुरुआत थी. देखते ही देखते ये तेजी 4,205 अंकों तक जा पहुंची और सेंसेक्स ने 85,871 का लेवल छू लिया. वहीं निफ्टी ने भी पीछे न रहते हुए 1,252 अंकों की छलांग लगाई और 26,341 के पार निकल गया. अगर आप भी पोर्टफोलियो चेक कर रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं होगा.

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इन शेयर्स की चांदी

शेयर मार्केट की इस पार्टी में सबसे ज्यादा रौनक अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंडिगो के शेयर्स में दिखी. ये शेयर 3.7 प्रतिशत से लेकर 7.2 प्रतिशत तक की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे थे. हालांकि, सबकी किस्मत एक जैसी नहीं रही. इस पूरी तेजी के बीच आईटीसी इकलौता ऐसा शेयर रहा जो सुस्त नजर आया.

ये तो बस ट्रेलर है

जियोजित इन्वेस्टमेंट के एक्सपर्ट वीके विजयकुमार ने इस डील को भारतीय इकोनॉमी के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया है. उनका कहना है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ होते ये समझौते और सरकार का ग्रोथ वाला बजट मिलकर शेयर मार्केट में एक नया जोश भर देंगे. सिर्फ भारत ही नहीं, इसका असर ग्लोबल मार्केट्स पर भी दिखा. यही वजह है कि साउथ कोरिया से लेकर जापान तक के बाजार हरे निशान में ट्रेड करते नजर आए. यानी ये कहा जा सकता है कि, भारत-अमेरिका के इस नए ‘ट्रेड बॉन्ड’ ने इन्वेस्टर्स की जेबें तो भरी ही हैं, साथ ही देश की इकोनॉमी में भी नई जान फूंक दी है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स की लगातार खरीदारी ने इस तेजी में घी का काम किया है.

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