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Bharat Bandh Today: ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों ने गुरुवार को भारत बंद का ऐलान किया है. यहां जानें कौन सी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.
12 फरवरी, 2026
देश के 10 बड़े ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों ने आज यानी गुरुवार को भारत बंद का ऐलान किया है. सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के एक जॉइंट फोरम ने सरकार की ‘एंटी-वर्कर’ पॉलिसी के विरोध में गुरुवार को देश भर में हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे बैंकिंग, इंश्योरेंस और ट्रांसपोर्ट जैसी सर्विसेज़ पर थोड़ा असर पड़ सकता है. ट्रेड यूनियनों के मुताबिक, अलग-अलग सेक्टर के 30 करोड़ वर्कर इस आंदोलन में हिस्सा ले सकते हैं.
यें संगठन हड़ताल में ले रहे हिस्सा
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी अमरजीत कौर ने बताया ” सभी बैंक यूनियन हड़ताल में हिस्सा नहीं लेंगी क्योंकि उनके यूनाइटेड फ्रंट ने पहले ही 27 जनवरी को हड़ताल कर दी है. हालांकि, AIBEA, AIBOA और BEFI जैसी बैंक वर्कर्स यूनियन विरोध में हिस्सा लेंगी. इसके अलावा, जॉइंट फोरम के सदस्यों में INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, SEWA, AICCTU LPF और UTUC शामिल हैं. कौर ने कहा कि माइनिंग और गैस पाइपलाइन सेक्टर पर भी इस आंदोलन का असर पड़ने की उम्मीद है.
किसका विरोध कर रहे कर्मचारी
इंश्योरेंस सेक्टर के कर्मचारी सरकार के इस सेक्टर में 100 परसेंट FDI (फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट) की इजाज़त देने और नए लेबर कोड लागू करने के फैसले का विरोध करेंगे. सभी कर्मचारी 2025 में लागू किए गए चार नए लेबर कानूनों को विरोध कर रहे हैं और बेहतर कामकाजी के लिए हफ्ते में पांच दिन काम की मांग कर रहे हैं.
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि प्राइवेट और सरकारी ट्रांसपोर्ट कंपनियों के बड़ी संख्या में कर्मचारी भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे. उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार, “कम से कम 30 करोड़ कर्मचारी” हड़ताल में हिस्सा लेंगे, और करीब 600 जिलों पर इसका असर पड़ने की उम्मीद है. पिछले साल 9 जुलाई को हुई ऐसी ही हड़ताल में, करीब 25 करोड़ कर्मचारियों ने आंदोलन में हिस्सा लिया था, जिसका असर करीब 550 से ज़्यादा जिलों पर पड़ा था.
किसान मोर्चा की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रेड यूनियनों की मांगों को पूरा सपोर्ट दिया है, जबकि खेती-बाड़ी करने वाले मज़दूरों की यूनियनों का जॉइंट फ्रंट हड़ताल में शामिल हो रहा है, और ग्रामीण नौकरी गारंटी स्कीम MGNREGA को फिर से शुरू करने और विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 को वापस लेने की मांग कर रहा है. उनकी मांगों में चार लेबर कोड को खत्म करना, ड्राफ्ट सीड बिल और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल को वापस लेना, और SHANTI एक्ट को वापस लेना भी शामिल हैं.
बैंक-बाजार खुले या बंद?
संगठनों ने देश भर में हड़ताल का आह्वान किया है, लेकिन RBI ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. हड़ताल के बावजूद, न तो बैंकों और न ही भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस दिन छुट्टी घोषित की है. इसका मतलब है कि ब्रांच खुली रहेंगी, हालांकि कुछ दिक्कतें हो सकती हैं. ग्राहकों को अलग-अलग बैंक ब्रांच में सर्विस में देरी का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग और ATM सर्विस चालू रहेंगी. इसके अलावा, कुछ इलाकों में परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. साथ ही कुछ जगहों पर स्कूल और बाजार भी बंद रहने की संभावनाएं. वहीं आपातकाल सेवाएं चालू रहेंगी. अस्पताल और एंबुलेंस जैसी सेवाएं सामान्य तरीके से चलेंगी.
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