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रुपया आज: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका में बढ़ते संघर्ष के बीच कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी जारी है. यह अभी करीब 111 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया है, जो सामान्य दिनों से काफी अधिक है. कच्चे तेल के बढ़ते दाम ने एक ओर जहां डॉलर की डिमांड को बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर रुपये में लगातार गिरावट की वजह भी बना हुआ है. इस बीच आज बुधवार को मार्केट खुलने के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया में फिर से गिरावट दर्ज की गई है. यह गिरावट लगातार 9वें कारोबारी सत्रों में भी जारी है. अब रुपया 96.90 पर आ गया है.
रुपये में 20 पैसे की गिरावट
मालूम हो कि बीते कारोबारी सत्र में यानी मंगलवार को भारतीय रुपया लगातार आठवें सत्र में गिर गया था. यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 50 पैसे गिरकर अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 96.70 पर बंद हुआ था. आज बुधवार को एक बार फिर से इसमें गिरावट दर्ज की गई है. जी हां, अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.89 पर खुला. खुलने के बाद यह गिरकर 96.90 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से 20 पैसे की गिरावट दर्शाता है.
रुपये की यह स्थिति क्यों?
भारतीय करेंसी रुपये में लगातार गिरावट देखी जा रही है. इस बीच फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि विदेशी निवेशकों (एफआईआई) के द्वारा बिकवारी और इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट ने भी रुपये पर दबाव डाला है. वहीं, बीते दिनों, मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा, “ हमें लगता है कि मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि के बीच रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा. मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की निकासी भी रुपये पर दबाव डाल सकती है.”
इस साल 7 फीसदी गिरा रुपया
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय करेंसी को एशिया में साल 2026 का अब तक की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बताया जा रहा है. इस महीने में डॉलर के मुकाबले रुपये में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट दिखी है. वहीं, इस साल की शुरुआत से लेकर अभी तक रुपये में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है.
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