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कांग्रेस का विरोध: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का असर बुधवार को अहमदाबाद में भी देखने को मिला, जहां गुजरात प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर दिनभर राजनीतिक माहौल गर्म रहा. पहले कांग्रेस ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध और छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया, वहीं बाद में भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन का विरोध करते हुए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. दिनभर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच कांग्रेस भवन राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा. सुबह कांग्रेस ने दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया.
शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्र आंदोलन के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए. पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. अमित चावड़ा सहित सभी हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस मुख्यालय ले जाया गया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और छात्रों के मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है. दोपहर बाद राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई. भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, पूर्व गृह मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा, प्रदेश महामंत्री अनिरुद्ध दवे, मंत्री, विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए.

भाजपाइयों ने कांग्रेस पर बोला हमला
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पहले से की गई बैरिकेडिंग के चलते उन्हें कांग्रेस भवन से करीब 200 मीटर पहले ही रोक दिया. प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसके जवाब में कांग्रेस कार्यालय के भीतर और बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा के खिलाफ नारे लगाए और विरोध दर्ज कराया. दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग रखा और किसी भी तरह की टकराव की स्थिति नहीं बनने दी. पूरे घटनाक्रम को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय और आसपास के इलाके को पुलिस ने पूरी तरह कॉर्डन कर दिया. दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी, वरिष्ठ अधिकारी और विशेष सुरक्षा बल मौके पर तैनात रहे.
ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी
ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई और हर गतिविधि पर नजर रखी गई. सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि किसी भी कार्यकर्ता को बैरिकेडिंग पार कर कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई. भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिरुद्ध दवे ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के विरोध में भाजपा पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रही है. भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है और देश में भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है. वहीं कांग्रेस ने भाजपा के प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी बताया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध प्रदर्शन कर रही है.
छात्रों, युवाओं के मुद्दों को उठाती रहेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने दोहराया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी छात्रों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी. करीब एक घंटे तक चले भाजपा के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पूरी स्थिति को नियंत्रण में रखा. भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठाया गया और किसी को भी आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई. दिनभर दोनों दलों की ओर से नारेबाजी होती रही, लेकिन भारी पुलिस बंदोबस्त और सतर्कता के चलते कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही. एक ही दिन में कांग्रेस और भाजपा के लगातार हुए विरोध प्रदर्शनों ने अहमदाबाद की सियासत को गर्मा दिया. दोनों दलों ने एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए, जबकि पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया.
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