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दिल्ली हाईकोर्ट से केजरीवाल को झटका

by Live India
दिल्ली हाईकोर्ट से केजरीवाल को झटका:जज बदलने की याचिका हुई खारिज, सोमवार को होगी आबकारी मामले की सुनवाई

Excise policy case: आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने जज बदलने की मांग वाली केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी है.

उत्पाद शुल्क नीति मामला: आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने जज बदलने की मांग वाली केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी है. अरविंद केजरीवाल ने 11 मार्च को मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आशंका जताई थी कि न्यायमूर्ति स्वर्णकांत शर्मा की पीठ के समक्ष इस मामले में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है. केजरीवाल और अन्य नेताओं ने दलील दी थी कि न्याय की शुचिता बनाए रखने के लिए मामले को किसी अन्य निष्पक्ष पीठ को सौंपा जाना चाहिए. दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के उत्पाद शुल्क नीति मामले को न्यायमूर्ति स्वर्णकांत शर्मा से किसी अन्य पीठ में स्थानांतरित करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है. जस्टिस शर्मा की बेंच सोमवार (16 मार्च) को इस मामले की सुनवाई करेगी. दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि मामले को वर्तमान रोस्टर के अनुसार न्यायमूर्ति शर्मा की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है.

निष्पक्ष सुनवाई पर जताया संदेह

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि केजरीवाल के अनुरोध पर तभी विचार किया जा सकता है जब न्यायमूर्ति शर्मा मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लें. मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि मामले को प्रशासनिक स्तर पर न्यायमूर्ति स्वर्णकांत शर्मा की पीठ से किसी अन्य पीठ में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा. केजरीवाल ने 11 मार्च को मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया था कि सीबीआई और ईडी की याचिकाओं को न्यायमूर्ति शर्मा की अदालत से किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित किया जाए. केजरीवाल ने चिंता जताई थी कि अगर जस्टिस शर्मा की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी तो निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं होगी. केजरीवाल ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे अपने पत्र में कहा कि न्यायमूर्ति शर्मा ने उनका पक्ष सुने बिना मामले में आदेश पारित कर दिया और निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं बताया. पत्र में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट के डिस्चार्ज आदेश पर रोक केवल असाधारण परिस्थितियों में दी जाती है, लेकिन 9 मार्च के आदेश में इसे निर्दिष्ट नहीं किया गया था.

केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को नोटिस

केजरीवाल ने कहा कि ईडी मामले में सीबीआई द्वारा दायर याचिका में भी एक आदेश पारित किया गया था, जबकि ईडी एक पार्टी नहीं थी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर ऐसी याचिकाओं में जवाब दाखिल करने के लिए कम से कम चार से पांच सप्ताह का समय दिया जाता है, लेकिन मामले में ऐसा नहीं किया गया. 9 मार्च को न्यायमूर्ति शर्मा ने केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उन सभी को नोटिस जारी किया. उच्च न्यायालय ने सीबीआई के खिलाफ निचली अदालत की प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दी और उसे दिल्ली उत्पाद शुल्क घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आगे नहीं बढ़ने का आदेश दिया. 27 फरवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया था. अदालत ने कहा कि आरोप पत्र में महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं और आरोप पत्र के हजारों पन्नों में प्रस्तुत तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते हैं.

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