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नक्सलवाद पर बोले गृहमंत्री शाह

by Live India
नक्सलवाद पर बोले गृहमंत्री शाह

Naxalism India : लोकसभा में नक्सलवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि मैं यह बताना चाहता हूं कि नक्सलवाद का मुख्य कारण विकास की मांग नहीं, बल्कि एक विचारधारा है.

भारतीय नक्सलवाद: गृह मंत्री अमित शाह ने देश में नक्सलवाद पर हुई बहस के दौरान अपना संबोधन दिया. उन्होंने वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च की अंतिम तारीख दी है और उनका कहना है कि इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है. लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं यह बताना चाहता हूं कि नक्सलवाद का मुख्य कारण विकास की मांग नहीं, बल्कि एक विचारधारा है. 1970 में इंदिरा गांधी ने भी यह स्वीकार किया था कि वामपंथी विचारधारा के कारण ही नक्सलवाद फैला है. उन्होंने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के सामने यह स्वीकार किया था कि कश्मीर और पूर्वोत्तर की तुलना में आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या सशस्त्र माओवाद है, लेकिन कुछ नहीं हुआ.

नक्सल मुक्त बन रहा है भारत : शाह

विपक्ष पर हमला करने के अलावा उन्होंने अपनी सरकार की सराहना करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में बदलाव आया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन में कई पुरानी समस्याओं का समाधान हुआ, जिसमें मुख्य रूप से अनुच्छेद 370 हटाया गया, 35A समाप्त किया गया, राम मंदिर बना, GST आया, CAA आया, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिला. साथ ही आज़ादी के बाद से लोग जो कुछ भी चाहते थे, वे सभी काम नरेंद्र मोदी के 12 साल के शासन में पूरे हुए. अब उनके नेतृत्व में ‘नक्सल-मुक्त भारत’ भी संभव हो रहा है.

नई शिक्षा प्रणाली मोदी सरकार

इसके अलावा उन्होंने बताया कि ये 12 साल में एक तरह से देश के लिए बहुत शुभ रहे हैं. भारत को गरीबी से मुक्त करने के लिए युवाओं के लिए नई शिक्षा प्रणाली लाना, आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करना और देश के मूल सिद्धांतों के अनुरूप न होने वाली नीतियों को हटाने के लिए 12 सालों में बहुत कुछ हुआ. उन्होंने आगे कहा कि लेकिन मेरा मानना ​​है कि अगर आप राजनीति विज्ञान के किसी भी छात्र से पूछेंगे, तो वह यही कहेगा कि सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि ‘नक्सल-मुक्त भारत’ रही है.

बातचीत उनसे होगी जो हथियार डालेंगे

उन्होंने आगे कहा कि यह हमारी सरकार की नीति है कि बातचीत केवल उन्हीं से होगी जो अपने हथियार डाल देंगे, जो गोलियों का इस्तेमाल करेंगे उन्हें गोलियों से ही जवाब दिया जाएगा. हम एक लोकतंत्र में रहते हैं. हमने इस राष्ट्र के संविधान को अपनाया है और यह ऐसी सरकार नहीं है जो किसी की धमकियों के आगे झुक जाए. यह एक ऐसी सरकार है जो सभी को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. शाह ने स्पष्ट शब्दों कहा कि नक्सलियों ने कभी भी तिलका मांझी को अपना आदर्श नहीं माना. न ही उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, भगत सिंह या सुभाष बाबू को अपना आदर्श माना.

समाचार स्रोत: पीटीआई

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