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West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में चुनावी सियासत अब अपने चरम पर है. TMC ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है. अब सबकी निगाहें बीजेपी के मैनिफेस्टो पर है.
9 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति: पश्चिम बंगाल में चुनावी सियासत अब अपने चरम पर है. TMC ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है. बंगाल में कांग्रेस का वजूद न के बराबर है , लेफ्ट की सांसें उल्टी चल रही है. ऐसे में एक बार फिर राज्य में TMC और भाजपा के बीच ही फाइनल मैच होना है. सबकी दिलचस्पी भाजपा के घोषणापत्र को लेकर है जो शुक्रवार यानी 10 अप्रेल को जारी होगा, लेकिन उससे पहले ही उसके पन्ने ‘सूत्रों’ के जरिए बाहर आने लगे हैं. लेकिन पहले हम आपको बता रहे हैं कि उसमें क्या-क्या हो सकता है. सूत्रों के हवाले से जो तस्वीर सामने आ रही है वो काफी साफ है.
बीजेपी राज में खत्म होगा सालों का इंतजार
बीजेपी का पूरा फोकस तीन बड़े वोट बैंक पर है और तरीका भी सीधा यानी कैश. सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर बकाया DA देने का वादा यानी सालों का इंतजार 45 दिन में खत्म करने की गारंटी. वहीं महिलाओं के लिए हर महीने 3000 रुपए नकद. सीधा मुकाबला TMC की लक्ष्मी भंडार योजना से है. जैसे कह रहे हों ‘आपका स्कीम… हमारा सुपर स्कीम’. इसके अलावा युवाओं के लिए ‘युवा साथी’ योजना…नौकरी का वादा अलग, लेकिन फिलहाल 3000 रुपए तय. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सभाओं में भाजपा के घोषणापत्र के बरे में धीरे-धीरे जानकारियां देनी शुरू कर दी थीं. मैनिफेस्टो लांच से पहले पीएम ने भी मंच से कई महत्वपूर्ण ऐलान कर दिया कि ये भी घोषणा पत्र का हिस्सा होगा.
TMC पर श्वेतपत्र लाने का वादा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार का मैनिफेस्टो सिर्फ कैश यानी सीधा लाभ देने तक सीमित नहीं रहेगा. बीजेपी अटैक और डेवलपमेंट दोनों ट्रैक पर साथ चलने की तैयारी में है. TMC के 15 साल के शासन पर व्हाइट पेपर लाने का वादा किय्या जा सकता है, जिसमें भ्रष्टाचार, सिंडिकेट और माफिया राज के आरोपों को विस्तार से रखने की योजना है. वहीं विकास के नाम पर सिंगूर में इंडस्ट्रियल पार्क, चाय और जूट उद्योग को रिवाइव करने का प्लान होगा. दुर्गापुर और बर्नपुर के स्टील प्लांट्स का अपग्रेडेशन और नए लॉजिस्टिक्स हब बनने की भी योजना है.
‘नए बंगाल’ का सपना
इंफ्रास्ट्रक्चर में सुंदरबन से दार्जिलिंग तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर होगा. किसानों के लिए MSP, कोल्ड स्टोरेज और बॉर्डर मार्केट की बात होगी. बीजेपी के घोषणा पत्र में क्या होगा इसका संकेत गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार पर चार्जशीट पेश करने के दौरान भी दे दिया था. कुल मिलाकर बीजेपी का ये घोषणापत्र एक तरफ कैश ट्रांसफर का भरोसा देता है तो दूसरी तरफ ‘नए बंगाल’ का सपना दिखाता है. अब सवाल सीधा है कि क्या वोटर इस ‘मंथली प्लान’ को स्वीकार करेगा या फिर पुराने भरोसे पर ही रिचार्ज करता रहेगा?
