4
Dipu Chandra Das: बांग्लादेश में हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को चौराहे पर पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई.
20 दिसंबर, 2025
दीपू चंद्र दास: बांग्लादेश में एक बार फिर कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. यूनुस के देश में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को चौराहे पर पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई. इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के लिए कानून और सुरक्षा के कोई मायने नहीं है. छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई है. कट्टरपंथियों की भीड़ बेकाबू होकर अल्पसंख्यकों पर हमला कर रही है और यूनुस आंख पर पट्टी बांधकर बैठे हैं.
पेड़ से बांधकर लगाई आग
बांग्ला ट्रिब्यून न्यूज़ पोर्टल ने शुक्रवार को बताया कि मृतक की पहचान 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो मैमनसिंह शहर में एक फैक्ट्री में काम करता था. पुलिस ने बताया कि दास को गुरुवार रात को फैक्ट्री के बाहर ईशनिंदा के आरोपों पर भीड़ ने पहले पीट-पीटकर उसकी हत्या और फिर एक पेड़ से लटका दिया. इंस्पेक्टर अब्दुल मालेक के हवाले से बताया, “घटना के बाद, गुस्साई भीड़ ने मृतक के शव को ढाका-मैमनसिंह हाईवे के किनारे छोड़ दिया और उसमें आग लगा दी.”
लिचिंग का वीडियो वायरल
इस घटना के बाद बांग्लादेश का हिंदु समुदाय खौफ में जी रहा है. अंतरिम सरकार ने कहा कि, “हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं. इस नाजुक घड़ी में, हम हर नागरिक से हिंसा, उकसावे और नफरत को खारिज करके और उसका विरोध करके हादी का सम्मान करने का आह्वान करते हैं.” यूनुस इन कट्टरपंथियों के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन लेने के बजाय केवल भारत विरोधी हादी समर्थकों को सांत्वना दे रहे हैं. इस लिंचिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देख हर किसी की रूंह कांप जाती है.
तख्तापलट के बाद से बिगड़े हालात
बता दें ढाका में उस्मान हादी को दो अज्ञात लोगों ने गोली मार दी थी, जिसके छह दिन बाद 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई. हादी की मौत की खबर फैलते ही बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई. कट्टरपंथियों ने मीडिया संस्थानों पर भी हमला कि और भारत विरोधी नारे लगाए. उस्मान हादी पिछले साल हुए छात्र आंदोलन का प्रमुख नेता था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था. इसके बाद से देश में अल्पसंख्यक समुदायों को कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है. अब दीपू चंद्र दास की बर्बर हत्या ने सभी को झकझोर दिया है.
यह भी पढ़ें- फिर जल रहा बांग्लादेश, उस्मान हादी की मौत से गुस्साए लोग, ढाका समेत कई शहरों में भड़की हिंसा
