Home Latest News & Updates ब्लैकमेलिंग से परेशान किशोरी ने दी जान

ब्लैकमेलिंग से परेशान किशोरी ने दी जान

by Live India
नोएडा में ब्लैकमेलिंग से परेशान किशोरी ने लगाई फांसी, हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के बाद जागी पुलिस, दो गिरफ्तार

Noida Suicide Case: नोएडा के सेक्टर-63 में 13 वर्षीय किशोरी ने फंदा लगाकर जान दे दी. बताया जा रहा है कि ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इस 13 साल की लड़की ने यह कदम उठाया है.

  • प्रशांत त्रिपाठी की रिपोर्ट

नोएडा आत्महत्या मामला: नोएडा के सेक्टर-63 में 13 वर्षीय किशोरी ने फंदा लगाकर जान दे दी. बताया जा रहा है कि ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इस 13 साल की लड़की ने यह कदम उठाया है. पुलिस ने फिलहाल इस मामले में अरबाज और समीर नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार कर लिया है. इधर मृतक का का भाई मुख्यमंत्री योगी से न्याय की गुहार लगा रहा है. किशोरी ने आत्महत्या करने से पहले अपना सुसाइड नोट भी छोड़ा है. मरने से पहले उसने खत में बहुत साफ तौर पर लिखा है कि अरबाज और समीर ने किस तरह से उसको ब्लैकमेल किया. इस खत में यह भी लिखा है कि किस तरह से पहले उन्होंने हैवानियत दिखाई और शरीर को पूरी तरह से नोचा और बाद में उसका पूरा वीडियो बना लिया. वीडियो सबके सामने नहीं आ जाए. मान सम्मान परिवार का नहीं गिरे. इस वजह से उसने मौत को गले लगा लिया है.

भाई ने योगी से लगाई न्याय की गुहार

घटना के बाद नोएडा सेक्टर 63 थाने की पुलिस ने अरबाज और समीर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. लेकिन इस हैवानियत के लिए 13 साल की बच्ची का भाई चाहता है कि आरोपी को वह सजा मिले जिससे कोई और की बहन बेटी इस लव जिहाद के जाल में नहीं फंस सके. मुख्यमंत्री योगी से वह न्याय की गुहार लगा रहा है. आपको बता दें कि सेक्टर-63 थाना क्षेत्र के एक कॉलोनी में 13 वर्षीय किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में 21 फरवरी को पंखे से लटकी मिली. परिजनों ने पड़ोस के एक युवक पर फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर किशोरी पर दोस्तों के साथ संबंध बनाने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने किशोरी को मृत घोषित कर दिया. शुरुआत में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होने से 22 फरवरी को नाराज हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन भी किया.

कमजोर परिवारों को टारगेट करने का आरोप

इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसी भी कीमत पर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी. हिंदू संगठनों की मानें तो लव जिहाद का यह खेल लंबे समय से चल रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है. ऐसे में अगर सामाजिक लोग सतर्क नहीं हुए तो मामला बहुत ही गंभीर हो सकता है. मूल रूप से यह परिवार महोबा का रहने वाला है. पत्नी, 13 वर्षीय बेटी और बेटे के साथ किराये पर रहते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और मजदूरी कर घर का खर्च चलता है. किशोरी कक्षा सात की पढ़ाई के लिए अपनी मौसी के पास रह रही थी और करीब चार माह पहले ही वापस आई थी. अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ेंः जलगांव मर्डर केस: बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने युवक को पीट-पीटकर मार डाला, इलाके में भारी तनाव

Related Articles