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President Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को आशा व्यक्त की कि चुनाव के वक्त भारतीय नागरिक विवेक का प्रयोग करें. लोग प्रलोभन, पूर्वाग्रह और गलत सूचनाओं से दूर रहकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें.
राष्ट्रपति मुर्मू: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को आशा व्यक्त की कि चुनाव के वक्त भारतीय नागरिक विवेक का प्रयोग करें. लोग प्रलोभन, पूर्वाग्रह और गलत सूचनाओं से दूर रहकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें, जिससे देश की चुनावी प्रणाली मजबूत होगी. उन्होंने चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए आने वाली महिला मतदाताओं की भी सराहना की. दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुर्मू ने जोर दिया कि मतदान का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी अनिवार्य है कि सभी नागरिक अपने संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए इसका प्रयोग करें. पिछले 16 वर्षों से चुनाव आयोग के स्थापना दिवस को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है. चुनाव आयोग 25 जनवरी 1950 को अस्तित्व में आया, जो भारत के गणतंत्र बनने से एक दिन पहले था. कहा कि भारत के लोकतंत्र की ताकत न केवल मतदाताओं की विशाल संख्या में है, बल्कि इसकी लोकतांत्रिक भावना की गहराई में भी निहित है.
नागरिकों का जागरूक होना जरूरी
उन्होंने कहा कि सबसे बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांग मतदाता और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं. मुर्मू ने कहा कि जनभागीदारी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की भावना को व्यावहारिक रूप देती है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई प्रयास किए हैं कि कोई भी मतदाता पीछे न छूटे. अध्यक्ष ने कहा कि मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब है. यह नागरिकों के लिए अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने का एक साधन भी है. मुर्मू ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के सभी वयस्क नागरिकों को उपलब्ध मतदान का अधिकार, राजनीतिक और सामाजिक न्याय और समानता के संवैधानिक आदर्शों को ठोस अभिव्यक्ति प्रदान करता है.
देश का भविष्य तय करता है मतदाता
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में भारत की चुनावी यात्रा संविधान में निहित मूल्यों को कायम रखते हुए इसके लोकतंत्र की शक्ति, लचीलेपन और समावेशिता का एक उल्लेखनीय प्रमाण रही है. राधाकृष्णन ने कहा कि जिम्मेदारी और जागरूकता के साथ मतदान के अधिकार का प्रयोग करके नागरिक समावेशी और विश्वसनीय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में योगदान करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि मतदाता होना न केवल एक संवैधानिक विशेषाधिकार है, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है जो प्रत्येक नागरिक को देश के भविष्य को आकार देने में अपनी आवाज देता है. यह दिन हमारे राष्ट्र के लोकतांत्रिक मूल्यों में हमारे विश्वास को और गहरा करने के बारे में है. कहा कि मतदाता होना न केवल एक संवैधानिक विशेषाधिकार है, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है जो प्रत्येक नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में अपनी आवाज देता है.
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