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मलबे से अब तक 9 शव बरामद हुए

by Live India
Pune Building Collapse

पुणे भवन पतन: महाराष्ट्र में बारिश अपने साथ काल लेकर आई. महाराष्ट्र स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SDMA) की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून से जुलाई 2026 के पहले हफ्ते तक मॉनसून से जुड़े हादसों की वजह से 62 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. बुधवार को एक बड़ी दुर्घटना पुणे के मोशी इलाके में हुई, जहां बारिश में कचरे का पहाड़ एक तीन मंजिला इमारत पर गिर गया और कई लोग उसमें फंस गए. चार दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलने के बाद अब तक मलबे से 9 शव निकाल गए हैं.

नौवां शव बरामद

अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने रविवार सुबह पुणे के पास मोशी वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट गिरने की घटना में आखिरी लापता व्यक्ति का शव बरामद किया, जिससे इस हादसे में मरने वालों की संख्या नौ हो गई. अब तक 14 लोगों को बचाया गया है. चार दिनों बाद अब सर्च ऑपरेशन खत्म हुआ है. मोशी में पिंपरी चिंचवाड़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा चलाए जा रहे वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्लांट की तीन मंजिला एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग तब ढह गई जब पास में मौजूद कचरे का ढेर लैंडस्लाइड की तरह उसके ऊपर पर गिर गया.

‘भगवान का किया-कराया’

शनिवार शाम को पीड़ितों के परिवारों से मिलने के बाद रिपोर्टरों से बात करते हुए, एंटनी वेस्ट ग्रुप के ग्रुप प्रेसिडेंट महेंद्र अनंथुला ने जानमाल के नुकसान पर दुख जताया और कहा कि मारे गए और घायल हुए लोग हमारे परिवार का हिस्सा थे. उन्होंने कहा “यह भगवान का किया एक कुदरती आफत जैसा था… किसी तरह हम इसका अंदाजा नहीं लगा सके. पिछले चार-पांच दिनों में जिस तरह की बारिश हुई, उसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था. पिछले हफ्ते देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी ही घटनाएं हुई हैं.”

मृतक के परिवार के लिए 25 लाख रुपये का मुआवजा

अधिकारी ने कहा कि कंपनी इस घटना में घायल हुए लोगों का पूरा मेडिकल खर्च उठाएगी. उन्होंने कंपनी के योगदान और इंश्योरेंस पॉलिसी के जरिए हर मृतक के परिवार के लिए 25 लाख रुपये के मुआवज़े के पैकेज की भी घोषणा की. इसके अलावा, कंपनी हर मृतक व्यक्ति के परिवार के एक करीबी सदस्य को फुल-टाइम नौकरी देगी और उनके नाबालिग बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी.

बता दें, हादसे के समय बिल्डिंग में कुल 23 लोग फंसे हुए थे. इनमें से पांच लोग हादसे के तुरंत बाद खुद सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे, जबकि नौ अन्य लोगों को NDRF, आर्मी और फायर डिपार्टमेंट की टीमों ने मलबे से रेस्क्यू कर लिया.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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