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महानदी का जलस्तर बढ़ने से हाई अलर्ट

by Live India
Odisha Flood Update

ओडिशा बाढ़ अद्यतन: मानसून के इस दौर में देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं. इसमें जान-माल के नुकसान की भी खबर सामने आई है. इस साल असम में भारी बारिश और बाढ़ से अब तक 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

इस बीच ओडिशा में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. जी हां, अधिकारियों ने कहा कि ओडिशा गुरुवार को भी हाई अलर्ट पर है क्योंकि चार उत्तरी जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. वहीं, महानदी में बढ़ते जल स्तर से नदी के निचले इलाकों में “मध्यम” बाढ़ का डर पैदा हो गया है.

हाई अलर्ट और अधिकारियों की छुट्टी कैंसिल- मंत्री

न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर सुरेश पुजारी ने कहा कि हालांकि नॉर्थ ओडिशा में कुछ नदियों में पानी का लेवल कम हो रहा है, लेकिन वे अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और रात भर नए इलाके पानी में डूब गए. उन्होंने कहा, “एडमिनिस्ट्रेशन हाई अलर्ट पर है और बाढ़ से प्रभावित जिलों के सभी अधिकारियों की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है.”

6 लाख से अधिक लोग प्रभावित

बता दें कि डीप डिप्रेशन के असर से लगातार बारिश से आई बाढ़ ने बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज जिलों के कई गांवों को पानी में डुबो दिया है. IMD के बारिश के अनुमान और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, अधिकारियों ने भद्रक, जाजपुर, नबरंगपुर और कालाहांडी जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी सेंटर बंद करने का आदेश दिया.

अधिकारियों ने कहा कि बचाव अभियान तेज कर दिया गया है और 1.65 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. अब तक बाढ़ से छह लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

खोलने पड़ सकते हैं हीराकुड डैम के और गेट

जानकारी के अनुसार, हीराकुड डैम में पानी का लेवल 620 फीट था, जबकि इसके पूरे रिजर्वॉयर का लेवल 630 फीट था. रिजर्वॉयर में 3,31,063 क्यूसेक पानी आ रहा था, जबकि दो गेट से 64,109 क्यूसेक पानी नीचे की तरफ छोड़ा जा रहा था. वहीं, अधिकारियों ने कहा कि अगर पानी का लेवल बढ़ता रहा तो और गेट खोलने पड़ सकते हैं.

वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत ने कहा कि गुरुवार सुबह 6 बजे कटक के पास मुंडाली से करीब आठ लाख क्यूसेक पानी बह रहा था, और शाम तक डिस्चार्ज बढ़कर नौ लाख क्यूसेक हो सकता है, जिससे महानदी सिस्टम में मीडियम बाढ़ आ सकती है.

मुख्यमंत्री माझी ने क्या की अपील?

दिल्ली में मौजूद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार रात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और सभी प्रभावित लोगों को समय पर मदद देने का निर्देश दिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं सभी से अपील करता हूं कि बाढ़ की स्थिति से घबराएं नहीं. नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है.”

भुवनेश्वर के मौसम विज्ञान केंद्र की डायरेक्टर मनोरमा मोहंती ने कहा कि गुरुवार को पूरे राज्य में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है. हालांकि, कई जिलों में हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान आने की उम्मीद है.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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