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Middle East War : मिडिल ईस्ट में भारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से फोन पर बात की. साथ ही पीएम मोदी ने नवरोज और ईद की शुभकामनाएं भी दीं.
मध्य पूर्व युद्ध: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच सैन्य टकराव के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंचा है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से फोन पर बात की. इस दौरान उन्होंने ईद और नवरोज की बधाई दी. पीएम मोदी ने इस बातचीत को लेकर एक सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया. उन्होंने लिखा कि ईरान के प्रेसिडेंट पेजेशकियन के साथ बातचीत में उम्मीद जताई कि त्योहारों का मौसम वेस्ट एशिया में शांति, स्थिरता और खुशहाली लाएगा.
PM ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा की
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने वेस्ट एशिया में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा की, जो रीजनल स्टेबिलिटी के लिए खतरा हैं और ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट डालते हैं. उन्होंने आगे कहा कि ईरान के प्रेसिडेंट के साथ बातचीत में नेविगेशन की आज़ादी की सुरक्षा और शिपिंग लेन को सुरक्षित बनाए रखने के महत्व को दोहराया. साथ ही ईरान में भारतीय नागरिकों और सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की. बता दें कि 28 फरवरी को शुरू हुई मिडिल ईस्ट के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच फोन पर यह दूसरी बार बातचीत हुई है. 12 मार्च को पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में रूबरू करवाया.
सभी मुद्दों का हल बातचीत से होना चाहिए
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और एक बार फिर दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए. अमेरिका और ईरान ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान दो घंटे बाद ही मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों से जमकर हमला किया था. इसके अलावा ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को भी रणनीति के तहत इस्तेमाल किया और अप्रत्यक्ष रूप से इस पर कब्जा जमा रखा है. यहां से किसी भी मालवाहक जहाज को बिना अनुमति के नहीं भेज रहा है. यह एक ऐसा समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया की 20 फीसदी ऊर्जा सप्लाई होती है. इस संघर्ष के शुरू होने के बाद ईरान ने यहां से बहुत कम जहाजों को गुजरने दिया है.
ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमला
बता दें कि ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त हमले किए हैं. यह हमला इतना खतरनाक था कि इसकी आवाज दूर-दराज तक पहुंची. हालांकि, शुरुआती जांच के बाद ईरानी अधिकारियों ने राहत की सांस ली और बताया कि रेडिएशन का रिसाव नहीं हुआ है. मतलब यह है कि परमाणु कचरा फैलने जैसा जो डर था वह टल गया है. स्थानीय मीडिया ने यह भी दावा किया कि भारी धमाके के बाद भी रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. सरकार का कहना है कि यह इजरायल और अमेरिका का संयुक्त अभियान का हिस्सा है और उनका मकसद है कि किसी भी तरह से यूरेनियम को तबाह किया जाए.
समाचार स्रोत: पीटीआई
