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रसोई में आ गई PNG गैस, जानें आपके घर तक पहुंचने का ग्लोबल मैप

by Live India
अब सिलेंडर की बुकिंग भूल जाइये! रसोई में आ गई पाइप वाली PNG गैस, जानें आपके घर तक पहुंचने का ग्लोबल मैप

Where Does India Get PNG: देश में हो रही LPG की किल्लत ने लोगों को परेशान किया हुआ है. ऐसे में अब सिलेंडर को टाटा कहें और पीएनजी का वेलकम करें. लेकिन पहले जान लें कि भारत में कहां से आती है पाइप वाली गैस.

04 अप्रैल, 2026

आजकल घरों की रसोई में एक बड़ा बदलाव आ रहा है. आपने देखा होगा कि अब लोग भारी-भरकम LPG सिलेंडर के बजाय पाइप वाली नेचुरल गैस यानी PNG की तरफ बढ़ रहे हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके चूल्हे तक पहुंचने वाली ये पीएनजी आखिर आती कहां से है? क्या ये भारत में ही बनती है या हम इसे विदेश से मंगाते हैं? तो चलिए, आज इस पहेली को सुलझाते हैं और जानते हैं कि भारत में गैस का खेल कैसे चलता है.

पीएनजी का फंडा

पीएनजी यानी Piped Natural Gas रीयल में नेचुरल कुदरती गैस है, जिसमें मुख्य रूप से मीथेन होती है. इसे जमीन के अंदर बिछी पाइपलाइनों के ज़रिए सीधे आपके किचन तक पहुंचाया जाता है. ये इस्तेमाल में आसान है और इसमें सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग करने का झंझट भी नहीं रहता. अब भारत अपनी ज़रूरत की गैस के लिए दो रास्तों पर डिपेंडेंड है. पहला होम प्रोडक्शन और दूसरा इम्पोर्ट.

ऐसे होती है जरूरत पूरी

भारत अपनी ज़रूरत की लगभग 40-50 प्रतिशत नेचुरल गैस खुद पैदा करता है. इसमें मुंबई हाई, बेसिन फील्ड और कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन जैसे समुद्री इलाकों के साथ-साथ असम, गुजरात और त्रिपुरा के ग्राउंड फील्ड्स का बड़ा हाथ है. कृष्णा-गोदावरी बेसिन का केजी-डी6 ब्लॉक तो भारत के कुल उत्पादन में 25 प्रतिशत से ज़्यादा का कंट्रीब्यूशन देता है. बाकी की 50-60 प्रतिशत गैस हमें विदेश से ‘लिक्विफाइड नेचुरल गैस’ (LNG) के रूप में इम्पोर्ट करनी पड़ती है. ये गैस जहाजों के ज़रिए आती है और फिर इसे वापस गैस में बदलकर पाइपों के ज़रिए सप्लाई किया जाता है.

किन देशों से आती है?

भारत बड़े लेवल पर सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत, अमेरिका, अंगोला, ओमान और नाइजीरिया जैसे देशों से गैस खरीदता है. इनमें ‘कतर’ भारत का सबसे बड़ा पार्टनर है, जो हमारे कुल इम्पोर्ट का लगभग 47 प्रतिशत हिस्सा अकेले सप्लाई करता है. खैर, फिलहाल मिडिल ईस्ट में चल रही वॉर की वजह से गैस सप्लाई में दिक्कतें आने का खतरा बढ़ गया है. चूंकि हम अपनी ज़रूरत का 60 प्रतिशत एलपीजी इम्पोर्ट करते हैं, इसलिए सरकार अब चाहती है कि लोग एलपीजी सिलेंडर छोड़कर पीएनजी की तरफ शिफ्ट हो जाएं.

किसके पास, कितनी गैस?

  • पीएनजी का हाल: मार्च 2026 तक भारत में लगभग 1.62 करोड़ PNG कनेक्शन हो चुके हैं, जिनमें से करीब 1.03 करोड़ लोग इसका एक्टिव इस्तेमाल कर रहे हैं.
  • एलपीजी का दबदबा: एलपीजी के मामले में भारत काफी आगे है. देश में 33.2 करोड़ से ज़्यादा एक्टिव एलपीजी कनेक्शन हैं.

नंबर वन है ये राज्य

  • पीएनजी में महाराष्ट्र का जलवा: अगर पाइप वाली गैस की बात करें, तो महाराष्ट्र पूरे भारत में टॉप पर है. देश के कुल पीएनजी कनेक्शनों में अकेले महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत है. इसके बाद गुजरात का नंबर आता है.
  • एलपीजी में यूपी सबसे आगे: सिलेंडर वाली गैस यानी एलपीजी के मामले में उत्तर प्रदेश बाजी मार चुका है. लगभग 4.85 करोड़ कनेक्शनों के साथ यूपी इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. तो अब आप समझ गए होंगे कि आपकी चाय बनाने वाली गैस के पीछे कितनी बड़ी ग्लोबल स्टोरी छिपी हुई है.

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