7
राजल वाला वॉलीबॉल कप्तान: गुजरात के लिए गर्व की बात है कि राज्य की युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी राजल वाला को भारतीय अंडर-18 महिला वॉलीबॉल टीम का कप्तान बनाया गया है. वह 1 से 7 जुलाई 2026 तक थाईलैंड के नाखोन राचासिमा में आयोजित होने वाली 16वीं AVC एशियन विमेंस अंडर-18 वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम की अगुवाई करेंगी. इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में गुजरात की तीन खिलाड़ियों का चयन हुआ है. इनमें कप्तान राजल वाला, अर्पिता वाधेर और फोरम कागथरा शामिल हैं.
प्रतिभा से जीता भरोसा
तीनों खिलाड़ी स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात (SAG) द्वारा संचालित नडियाद स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में प्रशिक्षण ले रही हैं. यह केंद्र लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. महज 16 वर्ष की राजल वाला गिर-सोमनाथ जिले के कोडिनार तालुका के सरखड़ी गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने कम उम्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता से राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का भरोसा जीता है. अब वह एशिया की मजबूत टीमों के खिलाफ भारतीय टीम की कप्तानी करती नजर आएंगी. वहीं, 17 वर्षीय अर्पिता वाधेर गिर-सोमनाथ जिले के सूत्रापाड़ा तालुका के वावड़ी गांव की रहने वाली हैं, जबकि 17 वर्षीय फोरम कागथरा अमरेली जिले से ताल्लुक रखती हैं. इन तीनों खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में चयन गुजरात में वॉलीबॉल के बढ़ते स्तर और राज्य की खेल नीति की सफलता को दर्शाता है.
उपमुख्यमंत्री ने दी बधाई
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भारतीय टीम में चयनित तीनों खिलाड़ियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है. साथ ही उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन और सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं. गौरतलब है कि अंतिम टीम के चयन से पहले वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने देशभर से 24 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए चुना था. इसी कैंप के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम भारतीय टीम का गठन किया गया, जिसमें गुजरात की तीन खिलाड़ियों ने अपनी जगह बनाई.
खिलाड़ियों को मिल रही बेहतर सुविधाएं
इस बार भारतीय टीम में कप्तान सहित गुजरात की तीन खिलाड़ियों का शामिल होना इस बात का संकेत है कि राज्य अब राष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबॉल प्रतिभाओं का मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात ने खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी उपलब्ध कराई है, जिसका परिणाम अब राष्ट्रीय टीम में दिखाई दे रहा है.
16 देशों के बीच मुकाबला
एशियन वॉलीबॉल कॉन्फेडरेशन द्वारा आयोजित इस द्विवार्षिक चैंपियनशिप में एशिया के 16 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी. यह प्रतियोगिता केवल महाद्वीपीय खिताब तक सीमित नहीं है, बल्कि 2027 FIVB गर्ल्स अंडर-19 वॉलीबॉल वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट भी है. इस प्रतियोगिता की शीर्ष चार टीमें सीधे विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करेंगी. भारतीय टीम का लक्ष्य इस टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष चार में जगह बनाना और 2027 की विश्व चैंपियनशिप का टिकट हासिल करना होगा. ऐसे में गुजरात की तीन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर भी सभी की नजरें रहेंगी, खासकर कप्तान राजल वाला से देश को बड़ी उम्मीदें होंगी.
‘मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की…’ Ben Stokes के रिटायरमें के बाद छलका मैक्कुलम का दर्द
