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रिचर्डसन ने लिया 17 साल बाद संन्यास

by Live India
Kane Richardson Retirement

Kane Richardson Retirement : ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का एलान कर दिया है. उन्होंने 17 साल क्रिकेट खेलने के बाद ये फैसला किया.

केन रिचर्डसन सेवानिवृत्ति: ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के दाएं हाथ के गेंदबाज केन रिचर्डसन ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का एलान कर दिया. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 17 साल का क्रिकेट खेला और इस दौरान टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया. रिचर्ड्स ने साल 2013 में श्रीलंका के खिलाफ पहला मुकाबला था और उन्होंने भारत के खिलाफ अपना अंतिम खेला. बताया जा रहा है कि 34 वर्षीय गेंदबाज ने अपनी इंजरी से परेशान होने के बाद रिटायरमेंट लेने का फैसला किया.

टीम इंडिया के खिलाफ खेला आखिरी मैच

केन रिचर्डसन ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत साल 2009 में की थी और उसके करीब 10 साल तक वह क्रिकेट में सक्रिय रहे. 2013 में श्रीलंका के खिलाफ पहली बार डेब्यू किया और आखिरी मैच भारत के खिलाफ गुवाहाटी में 2019 में खेला था. वहीं, उन्होंने अपना पहला टी-20 मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ 2014 में खेला था. इसके अलावा रिचर्डसन का बिग बैश लीग (BBL) में भी शानदार प्रदर्शन रहा है. वह उन खिलाड़ियों में शामिल है जिन्होंने टूर्नामेंट का हर एक एडिशन खेला है. उन्होंने साल 2017-18 में मेलबर्न रेनगेड्स में जाने से पहले एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ 6 सीजन खेले. वहीं, 2025-26 में उन्होंने सिडनी सिक्सर्स के लिए खेले, लेकिन इससे पहले 8 सीजन तक उन्होंने मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए बीबीएल खेला.

कैसा रहा अंतरराष्ट्रीय करियर?

इंटरनेशनल क्रिकेट में केन रिचर्डसन ने कुल 61 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 84 विकेट लेने का काम किया. इसमें उन्होंने 25 वनडे मैचों में 39 विकेट और 36 टी-20 मुकाबलों में 45 विकेट लेने का काम किया. इस फॉर्मेट में उनका बेस्ट प्रदर्शन 30 रन देकर 4 विकेट लेने का काम किया.

रिटायरमेंट पर क्या बोले रिचर्डसन?

रिटायरमेंट पर रिचर्डसन ने कहा कि साल 2009 में डेब्यू करने से लेकर अब तक मुझे लगता है कि मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी. साथ ही अब जिंदगी के इस मजेदार हिस्से को खत्म करने का वक्त आ गया है. उन्होंने आगे कहा कि उम्र भले ही 34 है, लेकिन अब मेरा शरीर साथ नहीं दे रहा. एक तेज गेंदबाज के लिए इस उम्र में गेंदाबाजी करना काफी मुश्किल हो जाता है.

उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि मैं बहुत खुशनसीब रहा हूं कि मैंने अपने देश के अलावा दुनिया भर की फ्रेंचाइजी में गेंदबाजी की. अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए भी खेलने का मौका मिला. साथ ही मुझे जो भी मौका मिला मैं उससे चूका नहीं है. मुझे पहचानने वाले जानते हैं कि मैंने बचपन से ही क्रिकेटर बनना का सपना देखा था. इसके अलावा उन्होंने अपने फैंस, फाइफ और स्पॉन्सर्स को धन्यवाद किया.

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समाचार स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई)

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