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Bihar Board Result : बिहार में 10वीं बोर्ड के नतीजे सामने आने के बाद एक स्टूडेंट ने छत से कूदकर जान दे दी. बताया जा रहा है कि वह अपने रिजल्ट से खुश नहीं था और इसके बाद उसने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया.
बिहार बोर्ड परिणाम: बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा का परिणाम जारी होते ही जहां कई छात्रों के घरों में खुशी का माहौल है, तो वहीं रोहतास जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. खराब प्रदर्शन से आहत एक 16 वर्षीय छात्र ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.
रिजल्ट से टूट गया छात्र का मनोबल
जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के ग्राम चंदवा निवासी बिहार पुलिस के जवान सतेंद्र पासवान के पुत्र प्रियांशु कुमार उर्फ हरिओम (16) ने मैट्रिक परीक्षा में खराब प्रदर्शन के कारण यह आत्मघाती कदम उठाया. बताया जाता है कि हरिओम लगातार दूसरी बार मैट्रिक परीक्षा में संतोषजनक परिणाम नहीं ला सका था. जैसे ही बिहार बोर्ड ने परीक्षा परिणाम जारी किया, हरिओम ने अपना रिजल्ट देखा. परिणाम उम्मीद के विपरीत आने से वह काफी निराश हो गया. परिवार के लोगों को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकता है.
छत से कूदकर दी जान
रिजल्ट देखने के बाद हरिओम घर की छत पर चला गया. कुछ ही देर बाद उसने छत से नीचे छलांग लगा दी. घटना इतनी अचानक हुई कि घर के लोग कुछ समझ ही नहीं सके. स्थानीय लोगों के अनुसार, गिरने के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग जुट गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
सिर में गंभीर चोट बनी मौत की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हरिओम के सिर में गहरी चोट लगी थी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई.
परिजनों में मचा कोहराम
हरिओम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. उसकी मां, छोटे भाई और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और छात्र के इस कदम पर दुख जता रहा है.
खबर मिलते ही पिता दिल्ली से लौटे
बताया जा रहा है कि मृतक के पिता सतेंद्र पासवान बिहार पुलिस में कार्यरत हैं और इन दिनों विभागीय प्रशिक्षण के लिए दिल्ली गए हुए थे. पुत्र की मौत की खबर मिलते ही वे तत्काल दिल्ली से अपने घर के लिए रवाना हो गए.
छात्रों पर बढ़ा मानसिक दबाव
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव कितना घातक साबित हो सकता है. हरिओम की मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है. यह घटना इस बात की चेतावनी है कि असफलता जीवन का अंत नहीं होती. जरूरत है बच्चों को समझाने, उनका साथ देने और उन्हें यह विश्वास दिलाने की कि हर परिस्थिति में परिवार उनके साथ खड़ा है.
