Home Madhya Pradesh विवादित बयान पर कैलाश विजयवर्गीय ने मांगी माफी

विवादित बयान पर कैलाश विजयवर्गीय ने मांगी माफी

by Live India
विवादित बयान पर कैलाश विजयवर्गीय ने मांगी माफी

Indore Water Pollution : राज्य के शहरी विकास और आवास मंत्री विजयवर्गीय ने बुधवार रात मीडिया से बातचीत करते हुए शुरू में कुछ सवालों का जवाब बहुत शांति से दिया. लेकिन दूसरे सवालों पर वह भड़क गए.

इंदौर जल प्रदूषण: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में गंदा पानी पीने से 4 लोगों की मौत हो गई और 212 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. मध्य प्रदेश के नगरीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया. उन्होंने एक मीडियाकर्मी के सवाल के जवाब में कहा कि फोकट के सवाल मत पूछो. इसके बाद मामला गरमा गया. हालांकि, उन्होंने विवाद बढ़ने पर अपनी गलती स्वीकार कर ली. इसी बीच मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य में BJP नेताओं पर घमंडी होने आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की. भागीरथपुरा विजयवर्गीय के इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र में आता है. साथ ही 212 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है और उसमें से करीब 50 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है.

पत्रकार से बहस में किया आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल

राज्य के शहरी विकास और आवास मंत्री विजयवर्गीय ने बुधवार रात मीडिया से बातचीत करते हुए शुरू में कुछ सवालों का जवाब बहुत शांति से दिया. इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि भागीरथपुरा के कई मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में दिए गए बिलों का रिफंड क्यों नहीं मिला और निवासियों के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई, तो वह अचानक गुस्सा हो गए. उन्होंने कहा कि इसे छोड़ो, फालतू सवाल मत पूछा. इसके बाद विजयवर्गीय और सवाल पूछने वाले पत्रकार के बीच बहस जाती है, जिसके बाद मंत्री ने एक आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया. इसी शब्द को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रेंड चलने लगा और आम लोग उनकी आलोचना करने लगे.

मैं शांत नहीं बैठूंगा : कैलाश विजयवर्गीय

वहीं, पत्रकार से बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विजयवर्गीय ने पछतावा जताते हुए बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए. इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं. लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा.

सरकार ने दिया आश्वासन

इसके अलावा मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि इंदौर में जहरीले पानी से होने वाली मौतें आठ से बढ़कर 10 हो गई हैं. उन्होंने बीजेपी नेताओं पर घमंडी होने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर नैतिक आधार पर विजयवर्गीय से इस्तीफा लेने के लिए कहा. हालांकि, मोहन यादव ने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैले डायरिया को आपातकाल जैसी स्थिति बताया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.

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