4
Magh Purnima: माघ पूर्णिमा के दिन दोपहर तक 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई. इसी के साथ आज से कल्पवास खत्म हो गया है.
1 फरवरी, 2026
रविवार को माघ पूर्णिमा के दिन 1.5 करोड़ भक्तों ने संगम में डुबकी लगाई है. यह संख्या शाम तक और बढ़ सकती है. अधिकारियों ने बताया कि रविवार को माघ पूर्णिमा के मौके पर यहां कड़ाके की ठंड के बावजूद करीब श्रद्धालू गंगा और संगम में डुबकी लगा रहे हैं. माघ मेला अथॉरिटी के अनुसार, श्रद्धालु आधी रात से ही आने लगे थे और दोपहर 12 बजे तक करीब 1.5 करोड़ तीर्थयात्रियों ने गंगा और संगम में पवित्र स्नान कर लिया था.

आज से कल्पवास खत्म
आज पवित्र स्नान के साथ माघ मेले का कल्पवास खत्म हो गया है. आज से कल्पवास कर रहे भक्त वापस अपनी सांसारिक जीवनशैली में लौट जाएंगे. जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि माघ पूर्णिमा कल्पवासियों के लिए आखिरी पवित्र स्नान था, जो पिछले एक महीने से माघ मेले में कल्पवास कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कल्पवासियों को घर वापस ले जाने के लिए उनके परिवार के सदस्य भी आए हैं. त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि लगभग पांच लाख कल्पवासी माघी पूर्णिमा स्नान के साथ अपने एक महीने के कल्पवास को समाप्त करेंगे. बता दें, कल्पवास का मतलब है तपस्या करना. इस दौरान भक्त संगम के तट पर कड़े नियमों का पालन करते हुए रहते हैं और भगवान का भजन कीर्तन करते हैं.
सुरक्षा के इंतजाम
जिलाधिकारी ने कहा कि सुबह घना कोहरा होने के बावजूद, बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते रहे और सभी घाटों पर स्नान सुचारू रूप से चल रहा था. पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें SDRF और NDRF की टीमें पूरे मेला क्षेत्र में तैनात हैं, साथ ही सभी घाटों पर नाविक और गोताखोर भी मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि घाटों पर पर्याप्त चेंजिंग रूम बनाए गए हैं, जबकि पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए CCTV कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि माघ मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ समाप्त होगा.

10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि माघ मेला सात सेक्टरों में 800 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जहां 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3,500 से अधिक सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं. पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडे ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक मैनेजमेंट को आसान बनाने के लिए एक लाख से अधिक वाहनों की कुल क्षमता वाली 42 अस्थायी पार्किंग सुविधाएं बनाई गई हैं.
यह भी पढ़ें- होली से लेकर महाशिवरात्रि तक, 1-2 नहीं फाल्गुन महीने में आएंगे 11 त्योहार, देखें पूरी लिस्ट
