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ATF Price Hike: एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत बुधवार को दोगुनी से ज़्यादा बढ़कर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई. हालांकि घरेलु एयरलाइंस के लिए यह बढ़ोतरी दर काफी कम है.
1 अप्रैल, 2026
1 April, 2026 से तेल की कीमतों में उछाल आया है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) या जेट फ्यूल की कीमत बुधवार को दोगुनी से ज़्यादा बढ़कर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई, जो पिछले महीने दुनिया भर में तेल की कीमतों में आई तेजी को दिखाता है. हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू एयरलाइंस के लिए यह बढ़ोतरी सिर्फ 8.5 प्रतिशत होगी. इस बढ़ोतरी के बाद फ्लाइट्स से यात्रा करने वालों के जेब को झटका लगने वाला है. एयरलाइंस फ्लाइट टिकट में बढ़ोतरी कर सकती हैं.
घरेलु एयरलाइंस को राहत
घरेलू एयरलाइंस, नॉन-शेड्यूल्ड, एडहॉक और चार्टर जैसी दूसरी एयरलाइन कंपनियों की तुलना में आधी कीमत चुकाएंगी, जिनके लिए कीमतें 110,703.08 रुपये प्रति kl, या 114.5 प्रतिशत बढ़कर 207,341.22 रुपये प्रति kl हो गई हैं. जेट फ्यूल की कीमतों को दो दशक से भी पहले डीरेगुलेट कर दिया गया था और तब से एयरलाइंस के साथ एक लिखित समझौते के अनुसार, रेट बेंचमार्क इंटरनेशनल कीमतों के हिसाब से हैं. अब मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण दुनिया भर में एनर्जी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ATF की कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी, इसलिए सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने एक सोच-समझकर तरीका अपनाने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि विदेशी एयरलाइंस और दूसरी कैरियर मार्केट रेट पर पेमेंट करेंगी, लेकिन घरेलू एयरलाइंस के लिए कीमतें कम रहेंगी.

आपकी जेब पर पड़ेगा असर
घरेलु एयरलाइंस के लिए हुई 8 प्रतिशत बढ़ोतरी भी भी लोगों के जेब से ही वसूली जाएगी. जिस तरह से LPG के रेट बढ़ने के बाद रेस्टोरेंट्स और होटलों में खाने के दाम बढ़ गए हैं, उसी तरह फ्यूल की कीमत बढ़ने के बाद भी फ्लाइट्स की टिकट महंगी हो सकती है. बढ़ती कीमतों से एयरलाइंस पर और दबाव पड़ेगा, जो युद्ध के कारण एयरस्पेस बंद होने के कारण पहले से ही पश्चिमी जगहों पर उड़ान भरने के लिए लंबे रूट लेने में ज़्यादा फ्यूल खर्च कर रही हैं. फ्यूल एक एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट का लगभग 40 परसेंट होता है, इसलिए एयरलाइंस इसका बोझ अब यात्रियों पर डालेंगी.
बता दें, यह पहली बार है जब ATF की कीमत 2 लाख रुपये प्रति kl के पार गई है. पिछली बार 2022 में कीमतों को बढ़ाया गया था, जब रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद तेल की कीमत बढ़कर 1.1 लाख रुपये प्रति kl पहुंच गई थी. यह रेट में दूसरी महीने की बढ़ोतरी है. 1 मार्च को कीमतों में 5.7 परसेंट (5244.75 रुपये प्रति kl) की बढ़ोतरी की गई थी.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
