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अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमले: पश्चिम एशिया और यूक्रेन-रूस के बीच जारी संघर्ष व तनाव थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. इन भू-राजनीतिक तनावों पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं. इस बीच इधर पाकिस्तान ने पड़ोसी देश अफगानिस्तान पर हवाई हमला कर दिया है. इसकी पुष्टि पाकिस्तान ने नहीं बल्कि खुद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने की है.
जी हां, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर से तनाव और संघर्ष की खबर सामने आ रही है. मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने एक बार फिर से अफगानिस्तान पर हमला किया है. उसने यह हवाई हमला किया है, जिसमें कुल 13 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक खबर है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के द्वारा अफगान के कई इलाकों में हमले किए गए हैं. इनमें 11 बच्चों के मारे जाने की भी सूचना है और कई लोग जख्मी भी हुए हैं. आइए जानते हैं पूरी खबर.
11 बच्चे, एक महिला और बुजुर्ग की मौत- अफगानिस्तान
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अफगानिस्तान ने कहा कि पाकिस्तान ने देश को निशाना बनाकर नए हवाई हमले किए हैं. इस हमले में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं और 14 अन्य घायल हो गए. हमले के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है. इस हमले में कई घरों के नुकसान होने की भी आशंका है.
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के द्वारा अफगान पर हवाई हमलों की जानकारी दी है. उन्होंने इस हमले के बारे में बताया कि ये हमले अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों को निशाना बनाकर किए गए थे. उन्होंने बताया कि इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति मारे गए हैं. हमले में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस हमले से काफी बड़ा नुकसान हुआ है. उन्होंने बताया कि राहत-बचाव का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इस हमले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पाकिस्तान लगाता रहा है ये आरोप
मालूम हो कि इस साल फरवरी के अंत से ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान भयंकर संघर्ष में उलझे हुए हैं. इसमें अब तक सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबर है. दोनों ही देश एक-दूसरे पर कई बार हमला कर चुके हैं. बता दें कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के अंदर घातक हमले करने वाले आतंकवादियों, विशेष रूप से पाकिस्तानी तालिबान (जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के नाम से जाना जाता है) को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है.
यह समूह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन उसका सहयोगी माना जाता है. अफगान तालिबान ने 2021 में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं की अव्यवस्थित वापसी के बीच सत्ता हथियाने के बाद से अफगानिस्तान पर शासन किया है. वहीं, काबुल पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन करता है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
