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2033 तक देश के हर नागरिक को स्वास्थ्य बीमा

by Live India
सरकार का आगामी दशक के लिए बड़ा विजनः 2033 तक देश के हर नागरिक को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा

Health Insurance: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य 2033 तक ‘सभी के लिए स्वास्थ्य बीमा’ सुनिश्चित करना है.

स्वास्थ्य बीमा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य 2033 तक ‘सभी के लिए स्वास्थ्य बीमा’ सुनिश्चित करना है. प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने बताया कि बीमा क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 58 करोड़ लोग कवर किए जा चुके हैं. बाजार में पैठ बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार एफडीआई (FDI) सीमा बढ़ाने के लिए एक नया विधेयक लेकर आई है. साथ ही भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने 2024 में ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा कवरेज बढ़ाने हेतु नए नियम जारी किए हैं ताकि दूरदराज के इलाकों तक बीमा सुरक्षा पहुंच सके. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति प्रीमियम केवल 97 अमेरिकी डॉलर है, जबकि वैश्विक औसत 943 अमेरिकी डॉलर है. वित्त मंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत प्रीमियम पर जीएसटी छूट और मजबूत नियामक दबाव के साथ स्वास्थ्य बीमा सरकार की प्राथमिकता है.

गरीबों के लिए पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना

उन्होंने कहा कि आज स्वास्थ्य बीमा एक बाजार के रूप में तेजी से विस्तार कर रहा है. सार्वजनिक और निजी बीमाकर्ताओं के योगदान के साथ बीमा सेक्टर पहले ही महत्वपूर्ण रूप से बढ़ चुका है. स्वास्थ्य बीमा 2024-25 में 1,17,505 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और 58 करोड़ लोगों को कवर कर रहा है. सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बीमाकर्ता विशेष रूप से स्वास्थ्य प्रीमियम के माध्यम से 42,420 करोड़ रुपये का कवर देते हैं और निजी क्षेत्र 37,752 करोड़ रुपये का कवर देती हैं. कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना है. सबसे महत्वपूर्ण बात उन्होंने कहा कि पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना 2 लाख रुपये के कवर के लिए केवल 436 रुपये प्रति वर्ष पर सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सबसे कमजोर लोग भी पीछे न रहें. उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को भी बीमा नियामक द्वारा बहुत व्यवस्थित रूप से विनियमित किया जाता है.

कई बीमा कंपनियों पर लगा जुर्माना

उन्होंने कहा कि अगर बीमा कंपनियों ने कोई गलत काम किया है, तो नियामक उन पर कार्रवाई करता है. उदाहरण के लिए 2023-24 में अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था. इसी तरह बजाज फाइनेंस लिमिटेड पर 2 करोड़ रुपये, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस पर 2 करोड़ रुपये, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस पर 1 करोड़ रुपये और रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस पर 1 करोड़ रुपये सहित अन्य कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया है. प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय बीमा प्राधिकरण (IRDAI) के पास 251.85 लाख व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां थीं, जिनमें परिवार के सदस्य भी शामिल हैं, जो 6.01 करोड़ लोगों को कवर करती हैं. इसके अलावा 13.05 लाख समूह स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां हैं, जो 27.51 करोड़ सदस्यों को कवर करती है. अक्टूबर 2024 में इस योजना का विस्तार 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को शामिल करने के लिए किया गया था. 28 फरवरी तक देश भर में कुल 43.52 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं.

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