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Commercial Pilot Career: कमर्शियल पायलट बनने के लिए आपको किस सबजेक्ट की पढ़ाई करनी होगी, कौन सा कोर्स करना होगा और कितनी फीस लगेगी, यहां सभी की जानकारी दी गई है.
17 जनवरी, 2026
कमर्शियल पायलट करियर: कमर्शियल पायलट बनना कई युवाओं का सपना होता है. पायलट की नौकरी देखने और सुनने में जितनी अट्रैक्टिव लगती है, उतनी ही मुश्किल भी है. इसके लिए आपको अपने स्कूल से ही तैयारी करनी शुरू होगी. अगर आप 10वीं क्लास के बाद सही तरीके से तैयारी करें, तो यह सपना सच हो सकता है. चलिए जानते हैं कि कमर्शियल प्लेन का पायलट बनने के लिए हमें किस सबजेक्ट की पढ़ाई करनी होगी, कौन सा कोर्स करना होगा और कितनी फीस लगेगी.
10वीं क्लास के बाद क्या करें
10वीं क्लास पास करने के बाद, आपको साइंस स्ट्रीम में PCM को चुनना होगा जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स पढ़ाया जाता है. पायलट बनने के लिए फिजिक्स और मैथ्स जरूरी हैं. अगर आपने 10वीं क्लास में मैथ्स नहीं लिया है, तो आपको बाद में दिक्कत हो सकती है. PCM के साथ 12वीं क्लास पास करना जरूरी है. अगर किसी ने अलग स्ट्रीम में 12वीं क्लास पूरी की है, तो वे ओपन बोर्ड (NIOS) से मैथ्स और फिजिक्स कर सकते हैं. इसके साथ ही अपनी आंखों की सेहत, हाइट और वजन पर भी ध्यान देना जरूरी है.
फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन
12वीं पास करने के बाद, आपको DGCA से द्वारा मंजूर फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन लेना होगा. इसके लिए आप प्राइवेट कॉलेज या सरकारी ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में एडमिशन ले सकते हैं. यहां हर कॉलेज और उसकी फीज की जानकारी दी गई है.
विशेष राज्य शुल्क संरचना बॉम्बे फ्लाइंग क्लब महाराष्ट्र 34 लाख इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी उत्तर प्रदेश 31 लाख राजीव गांधी एविएशन एकेडमी फॉर एविएशन टेक्नोलॉजी केरल 3-20 लाख (पाठ्यक्रम के अनुसार) आईजीआईए (इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स) दिल्ली 1-2 लाख नेशनल फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट प्रा. लिमिटेड महाराष्ट्र 42 लाख सिल्वर ओक यूनिवर्सिटी गुजरात 6 लाख एडवेंचर फ्लाइट एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई (तमिलनाडु) 25-30 लाख
यहां आप नेविगेशन, मौसम विज्ञान, एयर रेगुलेशन जैसे सबजेक्ट पर ग्राउंड क्लासेस लेंगे. पायलट बनने के लिए कम से कम 200 घंटे की फ्लाइंग ट्रेनिंग करनी पड़ती है. आपके कोर्स के हिसाब से अलग-अलग इंस्टिट्यूट की फीस में अंतर होता है.
DGCA परीक्षा पास करें
अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) पाने के लिए, आपको DGCA द्वारा आयोजित सभी लिखित और फ्लाइंग टेस्ट पास करने होंगे. ये टेस्ट काफी मुश्किल होते हैं, इसलिए आपको अच्छी तैयारी करनी होगी. इसके साथ ही आपको मेडिकल टेस्ट देना होगा. सभी कैंडिडेट्स आंखों की रोशनी, दिल, सुनने की क्षमता और पूरी सेहत की जांच की जाती है. 200 घंटे की उड़ान पूरी करने, मेडिकल टेस्ट पास करने और सभी परीक्षाएं पास करने के बाद, आपको अपना CPL मिलता है. इसके बाद, आप पेशेवर रूप से विमान उड़ाने के योग्य हो जाते हैं.
एयरलाइन में नौकरी कैसे पाएं
अपना CPL (कमर्शियल पायलट लाइसेंस) मिलने के बाद, आप एयरलाइन कैडेट पायलट प्रोग्राम या सीधी भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं. सिलेक्शन प्रोसेस में इंटरव्यू, सिम्युलेटर टेस्ट और मेडिकल टेस्ट देने होते हैं. सिलेक्शन के बाद, आपको टाइप रेटिंग ट्रेनिंग दी जाती है और फिर आप फर्स्ट ऑफिसर (को-पायलट) के तौर पर अपनी नौकरी शुरू करते हैं. भारत में कमर्शियल पायलट बनने का खर्च लगभग ₹35-60 लाख तक हो सकता है. शुरुआती सैलरी ₹2.5 लाख से ₹4 लाख प्रति महीना होती है, जो अनुभव के साथ तेज़ी से बढ़ती है. सही कदम उठाकर और कड़ी मेहनत करके, आप पायलट बनने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं.
