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Pariksha pe Charcha: पीएम मोदी ने इस साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले बच्चों से बातचीत की और अपने जीवन से जुड़े कुछ गुरूमंत्र दिए.
9 फरवरी, 2026
प्रधानमंत्री के खास कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का दूसरा एपिसोड रिलीज हो गया है. पीएम मोदी ने इस साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले बच्चों से बातचीत की और अपने जीवन से जुड़े कुछ गुरूमंत्र दिए. उन्होंने बच्चों को डिसीप्लीन से लेकर डाइट तक पर टिप्स दीं और माता-पिता को बच्चों पर पढ़ाई का बोझ न देने का सुझाव दिया. ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के नौवें एडिशन में देशभर से चुने गए बच्चों ने पीएम से मजेदार सवाल भी पूछे. चलिए जानते हैं पीएम ने बच्चों को प्रेशर से रिलीफ पाने के लिए कहा टिप्स दिए
पढ़ाई और पैशन को कैसे बैलेंस करें
एक स्टूडेंट ने पीएम से पूछा कि पढ़ाई और पैशन को कैसे बलैंस करें. इस पर पीएम ने जवाब दिया कि ‘पढ़ाई और पैशन को अलग-अलग नहीं मानना चाहिए. उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि आप अपनी कला के जरिए किताबों के अध्याय को याद करिए. आप एक साथ दोनों चीजें कर सकते हैं.
वीडियो | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (@narendramodi) विशेष ‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड के दौरान छात्रों के साथ बातचीत की।
पीएम मोदी कहते हैं, “मैं कई वर्षों से परीक्षा पे चर्चा के माध्यम से कक्षा 10 और 12 के छात्रों के साथ बातचीत कर रहा हूं। मैं इन बातचीत में शामिल होता हूं… pic.twitter.com/SKjeGRq3Ro
– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 9 फ़रवरी 2026
पीएम की डाइट क्या है
एक स्टूडेंट ने PM से उनकी डाइट के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया, “उनकी डाइट का कोई सिस्टम नहीं था. वे अलग-अलग जगहों पर घूमते थे और जो भी मिलता था, खा लेते थे. उन्हें खुद खाना भी बनाना पड़ता था, कभी-कभी तो खिचड़ी भी बनानी पड़ती थी.” उन्होंने कहा कि डाइट दवा की तरह तय करनी चाहिए. आपको तय करना होगा कि पेट भरकर खाना है या मन भरकर. PM मोदी ने यह भी कहा कि आपको उतनी ही सांस लेनी चाहिए जितनी आपका शरीर भर जाए. कुछ लोग अपने शरीर को आखिरी प्राथमिकता देते हैं. कुछ ने तो नियम बना लिया है कि वे सूर्योदय देखेंगे. इससे शरीर तरोताजा हो जाता है. इसे आदत बना लेना चाहिए.”
माता-पिता को सलाह
कई माता-पिता अपने बच्चों की तुलना दूसरों से करते हैं. इस पर PM ने कहा, “माता-पिता को बच्चों के बीच कॉम्पिटिशन नहीं करना चाहिए. उन्हें बच्चों की तुलना एक-दूसरे से नहीं करनी चाहिए. परिवार में किसी की इतनी तारीफ न करें कि उनकी आदतें खराब हो जाएं.” यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि एक बच्चे की तारीफ करने से दूसरे बच्चे को बुरा न लगे.
दोस्त के साथ शुरू करें स्टार्टअप
एक स्टूडेंट ने सवाल किया कि स्टार्टअप की शुरुआत कैसे करें. इस प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब भी मैं लोगों से मिलता हूं, तो वे स्टार्टअप के बारे में बात करते हैं. सबसे पहले, आपको यह जानना होगा कि आप क्या करना चाहते हैं. उदाहरण के लिए, कुछ स्टार्टअप टेक्नोलॉजी पर फोकस करते हैं. अगर आपके दोस्त अलग-अलग फील्ड में एक्सपर्ट हैं, तो आप उनके साथ मिलकर एक छोटा स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं.”
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