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8 चीजों से करें महादेव का अभिषेक

by Live India
8 चीजों से करें महादेव का अभिषेक

Mahashivratri Puja Samagri: महादेव को कुछ चीजें बहुत प्रिय हैं. आज हम आपको बताएंगे कि किन चीजों से महादेव का अभिषेक करना चाहिए.

14 फरवरी, 2026

महाशिवरात्रि का त्योहार कल यानी 15 फरवरी को मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए हर शिवभक्त को इस दिन का इंतजार रहता है ताकि वे भी अपने वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना कर सकें. महाशिवरात्रि पर व्रत रखने और महादेव का जलाभिषेक करने से भगवान प्रसन्न होते हैं. महादेव को कुछ चीजें बहुत प्रिय हैं, जिनसे उनका अभिषेक होता है. आज हम आपको बताएंगे कि किन चीजों से महादेव का अभिषेक करना चाहिए.

महादेव को प्रिय हैं ये चीजें

गंगाजल

महादेव को खुश करना बहुत आसान है. उनकी पूजा में कोई महंगे पकवानों की जरूरत नहीं. आपको चाहिए तो केवल एक लोटा गंगाजल. महादेव को प्रसन्न करने के लिए उन्हें शुद्ध गंगाजल अर्पित करें. शिवलिंग पर जल चढ़ाने से मन, आत्मा और शरीर को शांति मिलती है. गंगाजल को सबसे शुद्ध माना जाता है. मां गंगा भगवान शिव की जटाओं पर सवार हैं, इसलिए आप महाशिवरात्रि गंगाजल से महादेव का जलाभिषेक करें.

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पंचामृत

जलाभिषेक करने के बाद आप महादेव का पंचामृत से अभिषेक करें. पंचामृत को बनाने के लिए दूध दही, घी, शहद और गंगाजल मिलाएं. इस पंचामृत से शिवलिंग को अभिषेक करें. इसके बाद फिर से गंगाजल से उनका अभिषेक करें, जिससे सारी चीजें साफ हो जाएं.

चंदन का लेप

गंगाजल से दोबारा अभिषेक करने के बाद आप महादेव को चंदन का लेप लगाएं. महादेव को चंदन भी बहुत पसंद है. चंदन से शांति मिलती है और इसे पवित्र माना जाता है. महाशिवरात्रि पर महादेव को चंदन का लेप लगाने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं.

भस्म

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महादेव को भस्म भी बहुत प्रिय है, इसलिए उनका श्रृंगार भस्म से किया जाता है. आप हवन या यज्ञ की राख को भस्म के लिए उपयोग कर सकते हैं. इसके अलावा आप शमी,पीपल या अमलतास की लकड़ियों को जलाकर भी राख बना सकते हैं. अब शिवलिंग के ऊपर भस्म से त्रिपुंड बनाएं.

धतूरा और बेलपत्र

अब महादेव को उनका प्रिय धतूरा अर्पित करें. धतूरा समर्पण का प्रतीक माना जाता है. धतूरे के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें. ध्यान रहे गंदा, सूखा या सड़ा हुआ बेलपत्र बिल्कुल भी न चढ़ाएं.महादेव को चढ़ाने के लिए तीन पत्तों वाला बेलपत्र ही लें.

बेर

महाशिवरात्रि पर शिव पूजा में बेल के पत्ते, दूध, पानी और शहद के साथ बेर भी चढ़ाया जाता है। यह साधारण सा दिखने वाला फल गहरा धार्मिक महत्व रखता है। इसे चढ़ाने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।

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सफेद फूल

महादेव को आप चमेली का फूल अर्पित कर सकते हैं. ध्यान रहे कि महादेव को केतकी, केवड़ा, चंपा, लाल फूल या जूही का फूल अर्पित नहीं करना चाहिए. आप उन्हें सफेद कनेर का फूल शमी का फूल, पारिजात का फूल या चमेली का फूल अर्पित कर सकते हैं.

धूप दिखाएं और मंत्र जाप करें

आखिर में महादेव के लिए दीपक जलाएं, धूप दिखाएं और मिठाई अर्पित करें. इसके बाद ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप करें.

महा शिवरात्रि 4 प्रहर पूजा का समय

  • प्रथम प्रहर पूजा का समय: शाम 06:39 बजे से रात 09:45 बजे तक
  • द्वितीय प्रहर पूजा का समय: रात्रि 09:45 बजे से रात्रि 12:52 बजे तक
  • तृतीय प्रहर पूजा का समय: प्रातः 12:52 बजे से प्रातः 03:59 बजे तक
  • चतुर्थ प्रहर पूजा का समय: प्रातः 03:59 बजे से प्रातः 07:06 बजे तक

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