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Ujjain Mahakal Darshan: आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन के महाकाल से लेकर खंडवा के ओंकारेश्वर और रायसेन के भोजपुर तक हर तरफ हर-हर महादेव की गूंज है.
- भोपाल से नितिन ठाकुर की रिपोर्ट
15 फरवरी, 2026
शिवरात्रि के पावन अवसर पर आज पूरा देश शिवमय है, लेकिन मध्य प्रदेश की स्थिति कुछ खास ही है. उज्जैन के महाकाल से लेकर खंडवा के ओंकारेश्वर और रायसेन के भोजपुर तक हर तरफ हर-हर महादेव की गूंज है. आज रविवार होने के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया है. उज्जैन में आज करीब 10 लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान है.
महाकाल का महाभिषेक
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में उत्सव की शुरुआत आज तडक़े 2.30 बजे हुई. शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच जैसे ही मंदिर के पट खुले, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा. सबसे पहले कपूर आरती हुई, जिसके बाद पंडे पुजारियों ने पंचामृत दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बाबा का अभिषेक किया. आज बाबा महाकाल का अलौकिक श्राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया. भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर ज्योतिर्लिंग को शेषनाग के रजत मुकुट और मुंडमाल से सजाया गया. इसके बाद हुई साल की सबसे विशेष श्भस्म आरती, जिसे देखने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु उमड़े पड़े.
Divya darshan of Mahakal, Ujjain pic.twitter.com/mBxNOd8uxN
— Varsha Singh (@varshaparmar06) 31 जनवरी 2026
44 घंटे तक होंगे दर्शन
आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि महाकाल मंदिर के पट लगातार 44 घंटे तक खुले रहेंगे. 16 फरवरी की रात शयन आरती के बाद ही पट बंद होंगे. शहर के सभी होटल और होम स्टे फुल हैं. प्रशासन ने चलित भस्म आरती की व्यवस्था की है ताकि कतार में खड़े हर भक्त को बाबा की झलक मिल सके. सिर्फ उज्जैन ही नहीं, भोजपुर के विशाल शिवलिंग और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पर भी भक्तों की भारी भीड़ जमा है. आज दिन भर शिव साधना का यह दौर जारी रहेगा. भक्तों के लिए मंदिरों में सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं.
दूल्हा बनते हैं महादेव
आज देशभर के सभी मंदिरों में शिवभक्तों का तांता लगा है. बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक लंबी कतारों में अपने अराध्य के दर्शन करने के लिए खड़े हैं. आज कुंवारी लड़कियां भगवान शिव से अच्छे जीवनसाथी की कामना करती है. कोई अच्छे करियर और परिवारिक सुख की कामना करता है. बता दें, महाशिवरात्रि के दिन महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए इस दिन मंदिरों में महादेव को दूल्हे की तरह सजाया जाता है. वाराणसी और उज्जैन में महादेव की बारात भी निकाली जाती है.
