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O Romeo Real Story: विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन में बनी और शाहिद कपूर स्टारर फिल्म ‘ओ रोमियो’ एक रीयल कैरेक्टर पर बनी है. आप भी जानें हुसैन उस्तरा की असली कहानी.
15 फरवरी, 2026
13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘ओ रोमियो’ धूम मचा रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर दिखने वाला ये खूनी खेल और तड़पती हुई मोहब्बत सिर्फ फिक्शन नहीं है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में शाहिद कपूर का कैरेक्टर मुंबई अंडरवर्ल्ड के उस खतरनाक नाम पर बेस्ड है, जिससे कभी दाऊद इब्राहिम भी खौफ खाता था. उस खौफ का नाम था हुसैन उस्तरा. शाहिद कपूर की इस फिल्म की वजह से ये नाम एक बार फिर सुर्खियों में है. आज आपको ‘उस्तरा’ के नाम का खौफ और सपना दीदी के इंतकाम की वो असली दास्तान सुनाएंगे, जो किसी भी बॉलीवुड थ्रिलर से कहीं ज्यादा फिल्मी है.
असली हुसैन उस्तरा
‘ओ रोमियो’ रिलीज होने से पहले ही कानूनी पचड़ों में फंस गई थी. हुसैन उस्तरा की बेटी सनोबर शेख ने फिल्म के मेकर्स को नोटिस भेजकर 2 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा था. उनका कहना था कि उनके पिता की कहानी बिना परमिशन के दिखाई जा रही है. हालांकि, कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और मेकर्स ने कहा कि ये सिर्फ सच्ची घटनाओं से इंस्पायर एक फिक्शन कहानी है.
खैर, हुसैन शेख उर्फ हुसैन उस्तरा 80 और 90 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड का वो चेहरा था, जिसने कभी डी कंपनी के सामने घुटने नहीं टेके. जहां पूरी मुंबई दाऊद के नाम से कांपती थी, वहीं उस्तरा ने अपनी अलग सल्तनत बनाई और दाऊद का कट्टर दुश्मन बना रहा.
‘उस्तरा’ बनने की कहानी
हुसैन उस्तरा ने फेमस राइटर हुसैन जैदी को अपनी लाइफ का एक दिलचस्प किस्सा सुनाया था. सिर्फ 15 साल की उम्र में वो मुंबई की गलियों में लोगों की जेब काटा करता था. एक दिन उसने एक बड़ा हाथ मारा और पैसे अपने पास रखने की कोशिश की, जिससे नाराज होकर उसके गिरोह के लीडर ने उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया. बचने का कोई रास्ता नहीं दिखा, तो हुसैन ने अपनी जेब से एक उस्तरा निकाला और लीडर पर ऐसा वार किया कि उसकी गर्दन से लेकर कमर तक गहरा घाव हो गया. जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टर ने कहा कि ये हमला किसी प्रोफेशनल सर्जन की मदद से किया गया है. बस, उसी दिन से हुसैन शेख बन गया ‘हुसैन उस्तरा’. इसके बाद लोग बड़े हथियारों से ज्यादा हुसैन के उस छोटे से ब्लेड से डरने लगे.
अधूरा मिशन और मोहब्बत
‘ओ रोमियो’ फिल्म में तृप्ति डिमरी ‘अशफा’ का रोल निभा रही हैं, जो रीयल लाइफ की अशरफ खान यानी ‘सपना दीदी’ से इंस्पायर बताया जा रहा है. सपना दीदी की कहानी बहुत ही दर्दनाक है. उनके पति महमूद खान को दाऊद के इशारे पर एक एनकाउंटर में मार दिया गया था. फिर अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए एक सिंपल सी दिखने वाली महिला लेडी डॉन बन गई.
सपना दीदी पहले पुलिस और फिर दूसरे गैंगस्टर्स के पास मदद के लिए गईं, लेकिन जब किसी ने साथ नहीं दिया, तो उनकी मुलाकात हुसैन उस्तरा से हुई. उस्तरा ने सपना दीदी को बंदूक चलाना, बाइक चलाना और खुद को कैसे सेफ रखना है, ये भी सिखाया. उस्तरा और सपना का एक ही मकसद था, दाऊद इब्राहिम को खत्म करना. इन दोनों ने मिलकर नेपाल से लेकर मुंबई तक दाऊद के स्मगलिंग नेटवर्क को खूब नुकसान पहुंचाया.
एक गलत कदम और सब खत्म
हुसैन उस्तरा मन ही मन सपना दीदी से प्यार करने लगा था, लेकिन उसने कभी इसका जिक्र नहीं किया. फिर साल 1991 में जब सपना दीदी दाऊद के गुंडों से बचकर मदद के लिए उस्तरा के पास पहुंचीं, तो उस्तरा ने उनसे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की. सपना दीदी ने इसे तुरंत ठुकरा दिया और उसी वक्त उस्तरा से सारे रिश्ते तोड़ लिए. इसके बाद सपना दीदी ने अकेले ही शारजाह में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान दाऊद को मारने का प्लान बनाया, लेकिन वो फेल हो गई. इसके बाद साल 1994 में दाऊद के आदमियों ने उनके घर में घुसकर उन्हें सीढ़ियों से घसीटा और 22 बार चाकू घोंपकर उनकी जान ले ली. इके ठीक 4 साल बाद, 11 सितंबर, 1998 को डी-कंपनी के शूटर्स ने हुसैन उस्तरा को भी गोलियों से भून दिया. इस तरह उस्तरा और सपना, दोनों की कहानी ने दम तोड़ दिया. शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की ‘ओ रोमियो’ इन्हीं दो किरदारों की नफरत और जुनून की कहानी है.
