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सुधार, नवाचार और सरल शासन ही सर्वोच्च प्राथमिकता

by Live India
सुधार, नवाचार और सरल शासन ही सर्वोच्च प्राथमिकता

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इस बात पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ से आम नागरिकों को बड़े पैमाने पर लाभ मिल रहा है.

पीएम मोदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इस बात पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ से आम नागरिकों को बड़े पैमाने पर लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि अधिक संरचनात्मक सुधार, नवाचार को बढ़ावा देना और सरल शासन व्यवस्था उनकी तीन प्राथमिकताएं हैं. PTI को दिए एक साक्षात्कार में मोदी ने यह भी कहा कि स्वभाव से वे कभी संतुष्ट नहीं होते, क्योंकि उनका मानना ​​है कि सार्वजनिक जीवन में एक निश्चित रचनात्मक बेचैनी, अधिक करने की निरंतर प्रेरणा, तेजी से सुधार करने की ललक और बेहतर सेवा करने की आवश्यकता होती है. उनसे पूछा गया कि क्या वे सुधारों के मोर्चे पर हुई प्रगति से संतुष्ट हैं. अगले दशक के लिए तीन आर्थिक सुधारों को प्राथमिकता देने के लिए कहे जाने पर मोदी ने कहा कि हमारी दिशा स्पष्ट है, इसे एक निश्चित संख्या तक सीमित नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पहला, हम संरचनात्मक सुधारों को जारी रखेंगे जो प्रतिस्पर्धात्मकता और उत्पादकता में सुधार करते हैं. दूसरा, हम प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देंगे. तीसरा, हम शासन को और सरल बनाएंगे ताकि नागरिक और व्यवसाय अधिक सहजता और विश्वास के साथ काम कर सकें.

‘सुधार एक्सप्रेस’ से लोगों को मिल रहा लाभ

मोदी ने कहा कि सुधारों ने आम नागरिक की मदद की है, बिचौलियों का खतरा कम हुआ है और बुनियादी ढांचे के विस्तार से कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है. प्रधानमंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों जैसे कार्यक्रमों ने उन क्षेत्रों में लोगों के जीवन में बदलाव लाया है जिन्हें कभी पिछड़ा मानकर उपेक्षित किया जाता था. इसी प्रकार, पीएम-जनमान योजना उन आदिवासी समुदायों की पहचान करती है जो विशेष रूप से वंचित रहे हैं और उनके कल्याण के लिए काम करती है. मोदी ने कहा कि ‘सुधार एक्सप्रेस’ की यात्रा में हासिल की गई प्रगति के पैमाने को स्वीकार करना भी महत्वपूर्ण है. सुधार इस सरकार की प्रतिबद्धता है, जिसे हमने अक्षरशः और भावना से प्रदर्शित किया है. उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमने क्रमिक समायोजन से आगे बढ़कर व्यवस्थागत परिवर्तन की ओर कदम बढ़ाया है. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार ने परिवारों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और श्रम-प्रधान क्षेत्रों का बोझ कम किया है.

श्रम सुधारों से श्रमिकों के हितों की रक्षा

उन्होंने कहा कि हमने लघु कंपनियों की परिभाषा में बदलाव किया है, जिससे अनुपालन लागत कम करने में मदद मिली है. बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने वाले एफडीआई सुधार से लोगों, विशेषकर मध्यम वर्ग के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध हुए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कई पुराने कानून अब इतिहास बन चुके हैं. पहले कौशल विकास, मत्स्य पालन, सहकारिता और आयुष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान देने वाले कोई मंत्रालय नहीं थे. हमने इसे बदल दिया है और अब ये सभी क्षेत्र फल-फूल रहे हैं. उन्होंने कहा कि दशकों तक देश श्रम सुधारों का इंतजार करता रहा. हमारी सरकार ने ही इन सुधारों की शुरुआत की, जिससे श्रमिकों के हितों की रक्षा हुई और व्यवसाय फले-फूले.

डिजिटल में भारत बना अग्रणी

मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का डिजिटल अग्रणी देश है और यह यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के लोगों के लेन-देन के तरीके में हुए मूलभूत सुधार के कारण संभव हुआ है. भारत दुनिया के अग्रणी स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में से एक के रूप में उभरा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए सुधारों ने ऋण तक पहुंच में सुधार किया है, कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया है. उन्होंने कहा कि साथ ही, हमने एमएसएमई के लिए निवेश और कारोबार की सीमा में उल्लेखनीय वृद्धि की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे विकास करते हुए लाभों को प्राप्त करना जारी रख सकें.

समाचार स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई)

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