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3.26 करोड़ मतदाताओं में से 3.23 को नोटिस जारी

by Live India
Hearing SIR 2026 expedited in Uttar Pradesh

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UP SIR : उत्तर प्रदेश में चल रहे SIR के तहत अभी तक विसंगतियों के चलते 3 करोड़ 26 करोड़ वोटर्स को नोटिस दिया गया है. इसमें से अभी तक 90 लाख मतदाताओं को शिकायत सुना जा चुका है.

16 फ़रवरी 2026

उत्तर प्रदेश महोदय: उत्तर प्रदेश में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम हटाने की प्रक्रिया में किसी अन्य शख्स की दखलअंदाजी नहीं होगी. साथ ही सभी पक्षों को जवाब देने के लिए अवसर मिलेगा. साथ ही भारी संख्या में फॉर्म को स्वीकार नहीं किया जाएगा, क्योंकि पारदर्शिता में किसी पर स्तर दिक्कत न आए. इसी बीच प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यूपी में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अनुसार मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अपडेट और ट्रांसपेरेंसी की कार्रवाई निरंतर चलेगी.

90 लाख लोगों पर हो चुकी है सुनवाई

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित वोटर्स लिस्ट में नो मैपिंग से संबंधित 1 करोड़ 04 लाख मतदाता और तार्किक विसंगतियों से संबंधित 2 करोड़ 22 लाख लाख मतदाता समेत कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस दिया जाना है. इस क्रम में अभी तक 3.23 करोड़ नोटिस दिए जा चुके हैं. इसके अलावा जारी किए गए नोटिसों में से करीब 1.58 करोड़ लोगों को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराये जा चुके हैं. साथ ही वोटर्स को दिए गए नोटिसों में से अब तक करीब 90 लाख नोटिसों पर अधिकारी सुनवाई कर चुके हैं.

13 से ज्यादा अधिकारियों को किया गया नियुक्त

इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस प्रक्रिया के बेहतर तरीके पूरे करवाने के लिए राज्य भर में 13 हजार 161 अधिकारियों को नियुक्त किया गया है. इसमें से 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ( ERO), 12 हजार 758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को नियुक्त किया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि स्पेशल इंटेंशिव रिव्यू (SIR) के तहत शुरुआत में 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) लगाया गया था. इसी क्रम में 30.12.2025 को 6,948 AERO और 13.02.2026 3,768 AERO को नियुक्त किया गया.

नवदीप रिणवा ने कहा कि विगत SIR 2003 से मैपिंग न होने की वह से 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं. ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित जन्मतिथि या जन्म स्थान को प्रमाणित करने के लिए प्रूफ देना होगा. इसके अलावा जिन 2.22 करोड़ मतदाताओं में विसंगतियां पाई गई हैं उन्हें नोटिस किए जा रहे हैं. इन सभी वोटर्स को भी संबंधित डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे. मतदाता सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होकर अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से निर्धारित डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे.

समाचार स्रोत: पीटीआई

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