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कर्नाटक का रेशम कारखाना नहीं होगा बंद

by Live India
सिल्क फैक्ट्री पर सियासत: नहीं बंद होगा कर्नाटक का रेशम कारखाना, कर्मचारियों में खुशी, भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप

Silk Factory: कर्नाटक के लोगों के लिए खुशखबरी है. टी नरसीपुरा जिले में स्थापित रेशम कारखाना बंद नहीं होगा. इस घोषणा से हजारों कामगारों में खुशी की लहर दौड़ गई.

रेशम कारखाना: कर्नाटक के लोगों के लिए खुशखबरी है. टी नरसीपुरा जिले में स्थापित रेशम कारखाना बंद नहीं होगा. इस घोषणा से हजारों कामगारों में खुशी की लहर दौड़ गई. हालांकि कुछ दिन पहले ने भाजपा ने कहा था कि सरकार रेशम कारखाना बंद कर रही है. इस बात को सुनकर सैकड़ों कर्मचारियों में चिंता व्याप्त हो गई थी. कर्नाटक के मंत्री एचसी महादेवप्पा ने सोमवार को कहा कि इस जिले के टी नरसीपुरा में रेशम कारखाने को बंद करने का कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया.

रेशम कारखाने का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक की आलोचना का जवाब देते हुए महादेवप्पा ने कहा कि सरकार ने पहले रेशम बाजार के लिए इस्तेमाल की जा रही डेढ़ एकड़ जमीन को एक पार्क के विकास के लिए आवंटित करने का फैसला किया था, लेकिन अब आदेश की समीक्षा की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने रेशम कारखाने के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और यह सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है कि इकाई को कोई नुकसान न हो. उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए. भाजपा ने राजनीतिक कारणों से भ्रम पैदा किया है. महादेवप्पा ने कहा कि उन्होंने खेल और रेशम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की है और यदि आवश्यक हुआ तो जमीन पर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव हटा दिया जाएगा.

भाजपा हमेशा श्रमिकों, बुनकरों के साथ

इससे पहले, अशोक ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार एक खेल स्टेडियम परियोजना की आड़ में केएसआईसी की टी नरसीपुरा यार्न रीलिंग इकाई से संबंधित पांच एकड़ बफर भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जीआई-टैग किए गए मैसूर सिल्क ब्रांड की पहचान को खत्म कर दिया और चेतावनी दी कि भूमि पर अन्य निर्माण होने से कोयला परिवहन और इकाई के कामकाज के लिए आवश्यक कावेरी जल पाइपलाइन बाधित हो जाएगी. अशोक ने बताया कि टी नरसीपुरा इकाई के परिचालन में किसी भी रुकावट से मैसूरु और चन्नापटना में रेशम बुनाई पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और श्रमिकों की आजीविका प्रभावित होगी. उन्होंने मांग की कि सरकार इस नुकसानदायक प्रस्ताव को तुरंत छोड़ दे. उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा श्रमिकों, बुनकरों और मैसूरु की विरासत के साथ खड़ी रहेगी.

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