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फारूक अब्दुल्ला पर चली गोली

by Live India
फारूक अब्दुल्ला पर चली गोली

Farooq Abdullah Firing: बुधवार रात को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर एक बंदूकधारी ने गोली चला दी. वह हमले में बाल-बाल बचें. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

12 मार्च, 2026

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात को जानलेवा हमला हुआ. शादी के फंक्शन से निकलते समय एक बंदूकधारी ने पीछे से आकर उन पर गोली चला दी, जिससे वे बाल-बाल बच गए. डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुरिंदर चौधरी और चीफ मिनिस्टर उमर अब्दुल्ला के एडवाइजर नासिर असलम वानी, घटना के समय अब्दुल्ला के साथ थे. बंदूकधारी ने बिल्कुल ने उनके बिल्कुल करीब आकर गोली चलाई थी, लेकिन तुरंत गार्ड्स ने उसे धर दबोचा.

20 सालों से कर रहा था प्लानिंग

आरोपी की पहचान 63 साल के कमल सिंह जामवाल के तौर पर हुई है, जो अजीत सिंह का बेटा है और जम्मू के पुरानी मंडी का रहने वाला है. उसने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 सालों से अब्दुल्ला को टारगेट करने के मौके का इंतजार कर रहा था. आरोपी ने दावा किया कि वह किसी अनजान ‘जागरण मंच’ का चेयरमैन है और नशे में था. अधिकारियों ने कहा कि आरोपी ने पूछताछ करने वालों को बताया कि वह पिछले 20 सालों से अब्दुल्ला को मारना चाहता था. उसने कहा, “आज मुझे मौका मिला, लेकिन वह खुशकिस्मत था कि बच गया.”

पुलिस ने कहा, आगे की जांच चल रही है. एक CCTV कैमरे के फुटेज में बंदूकधारी अब्दुल्ला के पीछे से आया और बहुत पास से उस पर गोली चलाई. अब्दुल्ला और चौधरी पार्टी लीडर बी एस चौहान को उनकी बेटी की शादी की बधाई देने आए थे. अधिकारियों ने बताया कि वे शादी की जगह पर एक घंटे से ज़्यादा समय तक रहे.

सीएम उमर का बयान

अपने पिता पर हुए हमले के बारे में बोलते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, “अल्लाह मेहरबान है. मेरे पिता बाल-बाल बचे थे. अभी डिटेल्स साफ नहीं हैं, लेकिन जो पता चला है वह यह है कि लोडेड पिस्टल वाला एक आदमी पॉइंट-ब्लैंक रेंज में आकर गोली चलाने में कामयाब रहा. “क्लोज प्रोटेक्शन टीम ने ही गोली को डिफ्लेक्ट किया और हत्या की कोशिश नाकाम की. इस समय जवाबों से ज़्यादा सवाल हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि कोई Z+ NSG-प्रोटेक्टेड पूर्व CM के इतने करीब कैसे पहुंच गया.”

डिप्टी सीएम ने जताई चिंता

डिप्टी चीफ मिनिस्टर चौधरी ने इस घटना पर चिंता जताई और रिपोर्टर्स से कहा कि उन्हें सिक्योरिटी फोर्सेज़ और पुलिस से पूछना चाहिए कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. “यह एक बहुत ही गंभीर सिक्योरिटी चूक है. उन्होंने कहा, “जब पूर्व मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सलाहकार किसी समारोह में मौजूद हों, और कोई बंदूक लेकर अंदर घुस जाए, तो आप सोच सकते हैं कि सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे.”

मुख्यमंत्री के सलाहकार वानी ने अब्दुल्ला की जान बचाने के लिए भगवान का शुक्रिया अदा किया और कहा, “अगर बंदूकधारी को समय पर काबू नहीं किया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी.” उन्होंने यह भी कहा कि अभी कोई नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी, और कहा, “पुलिस सच सामने लाने के लिए मामले की जांच कर रही है.”

समाचार स्रोत: पीटीआई

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