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US-China Trade Deal : बीते दिनों पहले टैरिफ को लेकर अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में आए तनाव को कम करने की उम्मीद जगी है. पेरिस में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की है.
अमेरिका-चीन व्यापार समझौता: टैरिफ को लेकर अमेरिका और चीन के बीच छिड़ी जंग के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है. बीजिंग और वाशिंगटन के प्रतिनिधियों ने रविवार को पेरिस में अपनी आर्थिक और व्यापारिक बातचीत शुरू कर दी है. इन बैठक की अगुवाई यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और चीन के उप-प्रधानमंत्री ही लिफेंग कर रहे हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक के नतीजे अच्छे निकलते हैं तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के बीच मुलाकात का रास्ता साफ हो सकता है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच चीन की यात्रा करेंगे. हालांकि, अभी तक बीजिंग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
क्या होगी व्यापार वार्ता सफल?
मार्च में होने वाली राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात से पहले इस बैठक में रोड मैप तैयार किया जा रहा है. पेरिस में होने वाली वार्ता सफल होती है तो व्यापार को लेकर अगली चर्चा शुरू होगी. इसी बीच बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि प्रतिनिधिमंडल उन बातों का विशेष ध्यान रखेगा जिसमें अमेरिका के किसानों, मजदूरों और व्यवसायों के हितों को नुकसान न हो. दूसरी तरफ चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दोनों पक्ष व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं. आपको बता दें कि साल 2017 में राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन का दौरा किया था और उसके बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने दौरा नहीं किया है. दोनों नेताओं के दक्षिण कोरियाई शहर बुसान में मिलने और व्यापार युद्ध में एक साल की शांति पर सहमत होने के 5 महीने के बाद मुलाकात होगी.
टैरिफ वार ने पैदा किया रिश्तों में तनाव
टैरिफ वार के बीच अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में काफी तनाव आ गया था. साथ ही दोनों ही देश एक-दूसरे पर टैरिफ लगाने को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं थे, दोनों की तरफ से जवाबी टैरिफ अस्थायी रूप से बढ़कर तीन अंकों तक पहुंच गया था. पिछले हफ्ते चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन-अमेरिका संबंधों के लिए यह एक बड़ा साल होगा. हालांकि, उन्होंने राजकीय दौरे की पुष्टि नहीं की, लेकिन वांग ने कहा कि उच्च स्तरीय बातचीत का एजेंडा पहले से ही मेज पर है.
इसी बीच वॉशिंगटन में ‘सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़’ के चीन मामलों के आर्थिक विशेषज्ञ स्कॉट केनेडी ने कहा कि मुझे लगता है कि दोनों पक्षों का न्यूनतम लक्ष्य एक बैठक करना है, जिससे चीजें एक साथ बनी रहें और संबंधों में दरार को फिर से बढ़ने की स्थिति से बचा सकें. ट्रंप शायद बीजिंग से चीन की तरफ से कुछ बड़े वादे लेकर लौटना चाहेंगे.
समाचार स्रोत: पीटीआई
