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Dhurandhar Best Scenes: रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धुरंधर 2 सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है. अगर आप भी इसे देखने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो पहले पार्ट से जुड़े ये फैक्ट्स जान लें.
18 मार्च, 2026
दोस्तों तैयार हो जाइए क्योंकि धुरंधर: द रिवेंज देखने के लिए, जो सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए बिल्कुल तैयार है. 5 दिसंबर, 2025 को जब इस फिल्म का पहला पार्ट आया था, तब से जकीरत सिंह रंगी उर्फ हमजा अली मजारी और रहमान डकैत हम सबके दिमाग पर छाया हुआ है. अब 19 मार्च, 2026 को इस स्पाई थ्रिलर का दूसरा पार्ट रिलीज हो रहा है, जिसके पेड प्रिव्यू एक रात पहले ही शुरू हो चुके हैं. रणवीर सिंह एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में लौट रहे हैं, जहां वो रहमान डकैत यानी को गद्दी से उतारकर लियारी गैंग के नए बादशाह बन चुके हैं. लेकिन असली खेल तो अब शुरू होगा, क्योंकि जकीरत की नजरें अब ‘बड़े साहब’ पर टिकी हैं. अगर आप भी धुरंधर 2 देखने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले पार्ट के इन 5 खास सीन्स को एक बार फिर याद कर लेना बहुत जरूरी है, क्योंकि इन्हीं में छिपा है धुरंधर: द रिवेंज की कहानी का राज.

हमजा और असलम
रहमान डकैत का दाहिना हाथ होने के नाते हमजा की जमील जमाली यानी राकेश बेदी और एसपी असलम यानी संजय दत्त से हमेशा ठनी रहती थी. लेकिन जब बात डकैत को खत्म करने की आई, तो हमजा ने बड़ी चालाकी से पासा पलट दिया. उसने अपने दुश्मनों यानी जमील और असलम को ही अपने साथ मिला लिया. इन दोनों के अपने-अपने स्वार्थ थे, इसलिए इन्हें मनाने में हमजा को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी. इन तीनों ने मिलकर रहमान डकैत के एम्पायर का अंत किया, जो फिल्म का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट था.

खौफनाक मंजर
कहते हैं कि गुनाह का साया कभी पीछा नहीं छोड़ता. रहमान डकैत को अपने हाथों से बेरहमी से मारने के बाद भी हमजा के दिमाग से उसका खौफ नहीं निकला. फिल्म का वो हॉस्पिटल वाला सीन याद कीजिए, जहां हमजा को रहमान डकैत की रूह अपनी आत्मा में झांकती हुई महसूस होती है. यह सीन किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था और इसने दिखाया कि हमजा भले ही बाहर से मजबूत दिख रहा हो, लेकिन अंदर से वो कितना डरा हुआ था.

यलीना का फैसला
सारा अर्जुन ने यालीना जमाली बनकर एक ऐसी लड़की का कैरेक्टर निभाया जो हमजा के ‘कराची का बेताज बादशाह’ बनने के मिशन में एक मोहरे की तरह थी. वो हमजा और उसके पिता जमील जमाली के बीच की कड़ी थी. एक इमोशनल सीन में हमजा उसे इस खतरनाक रास्ते से हट जाने का मौका भी देता है, लेकिन यालीना अपनी किस्मत खुद चुनती है और उसके साथ रुकने का फैसला करती है. उसका यह फैसला आने वाले पार्ट में क्या रंग लाएगा, ये देखना काफी दिलचस्प होगा.

बड़े साहब का सस्पेंस
फिल्म के आखिरी कुछ मिनटों ने सबको हैरान कर दिया था. जख्मी हालत में हमजा अपनी सीक्रेट नोटबुक निकालता है और कांपते हाथों से रहमान डकैत का नाम काट देता है. जैसे ही वो पन्ना पलटता है, सामने नाम आता है ‘बड़े साहब’ का. अब सवाल ये है कि ये बड़े साहब कौन हैं? क्या यह मेजर इकबाल यानी अर्जुन रामपाल है, जो 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड था? या फिर परदे के पीछे कोई और बड़ा खिलाड़ी है जिसे जकीरत खत्म करना चाहता है?

असली पहचान का खुलासा
फिल्म के अंत में जो सबसे बड़ा धमाका हुआ, वो था हमजा की असली पहचान. पता चला कि हमजा असली में जकीरत सिंह रंगी है. एक ऐसा कैदी जिसे मौत की सजा सुनाई जा चुकी है. उसे अजय सान्याल यानी आर माधवन ने ‘मिशन धुरंधर’ के लिए एक रॉ एजेंट की तरह तैयार किया था. ये भारत का अपनी तरह का पहला जासूसी ऑपरेशन था. धुरंधर 2 में हमें न सिर्फ हमजा के कराची का किंग बनने की जर्नी दिखेगी, बल्कि वो खूनी फ्लैशबैक भी देखने को मिलेगा कि कैसे एक कैदी जकीरत, हमजा अली मजारी बन गया.
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